अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर के विकास में अभूतपूर्व प्रगति हुई : राष्ट्रपति मुर्मू

सरकार जम्मू-कश्मीर की प्रगति के लिए बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और शिक्षा में निवेश कर रही है
खास बातें
- सरकार जम्मू-कश्मीर की प्रगति के लिए निवेश कर रही
- जम्मू-कश्मीर के विकास में अभूतपूर्व प्रगति हुई : राष्ट्रपति
- नकारात्मक प्रचार से दूर रहने की सलाह दी
नई दिल्ली:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर के विकास में अभूतपूर्व प्रगति हुई है. जम्मू-कश्मीर के एक युवा प्रतिनिधिमंडल को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की प्रगति के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा भारत की मुख्यधारा का हिस्सा बनकर अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं.
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सरकार जम्मू-कश्मीर की प्रगति के लिए निवेश कर रही
मुर्मू ने कहा, “लेकिन आज भी कुछ तत्व निहित स्वार्थ के कारण नहीं चाहते कि कश्मीर आगे बढ़े.” उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार जम्मू-कश्मीर की प्रगति के लिए बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और शिक्षा में निवेश कर रही है, वह दिन दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर भारत में प्रगति का आदर्श पेश करेगा. ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम के तहत देश का दौरा कर रहे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की.
“हमें इसे और मजबूत करना होगा”
मुर्मू ने कहा, “उन्हें दौरे के दौरान एहसास हुआ होगा कि हम अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, अलग-अलग कपड़े पहनते हैं, अलग-अलग जीवनशैली अपनाते हैं, लेकिन हम एक हैं. यही एकता हमारी असली ताकत है. हमें इसे और मजबूत करना होगा.” राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर के विकास में ‘अभूतपूर्व’ प्रगति हुई है.
नकारात्मक प्रचार से दूर रहने की सलाह दी
मुर्मू ने उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए नशीली दवाओं, असामाजिक तत्वों और नकारात्मक प्रचार से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सभी को उचित अवसर प्रदान करता है, बस उन्हें इसमें विश्वास करना होगा और समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ना होगा. मुर्मू ने कहा, “डिजिटल जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ते हुए प्रशासन ने शासन को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है.” उन्होंने कहा कि प्रभावी वितरण और पारदर्शिता सुशासन का आधार है. राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि इसी विचार के साथ 1,100 से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है, जो आम जनता के हित में हैं.
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(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)