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डिजिटल कुंभ करवाने वाले मृतकों की डिजिट नहीं बता पा रहे : लोकसभा में अखिलेश यादव

बजट, बिहार, दीवाली और ईद... जानिए लोकसभा में अखिलेश ने छोड़े क्या-क्या शब्दबाण

महाकुंभ भगदड़ पर अखिलेश यादव ने पूछे सवाल


नई दिल्ली:

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने संसद में बजट, बिहार, दीवाली और ईद को लेकर सरकार पर शब्दबाण चलाएं. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से कई सवाल पूछे. अखिलेश ने सरकार को घेरते हुए कहा कि महाकुंभ हादसे (Mahakumbh stampede) के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, जिन्होंने सच छुपाया उसे दंडित किया जाए. हम डबल इंजन की सरकार से पूछते हैं कि आंकड़े क्यों छिपाए गए. जहां इंतेजाम होना चाहिए था वहां प्रचार हो रहा था.

मृतकों की डिजिट नहीं दे पाए

अखिलेश ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद अब तो वो हॉर्डिंग उतार देने चाहिए. आंकड़े दबाए, छिपाए मिटाए क्यों गए. महाकुंभ के लिए 144 साल बाद का मुहूर्त कहा गया… इसके साथ ये भी कहा गया कि डिजिटल कुंभ का दावा किया.. वे डिजिटल कुंभ करवाने वाले मृतकों की डिजिट नहीं दे पाए. कुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा. इसका आयोजन सदियों से होता रहा है. समय समय पर भी जो भी सरकारें रहीं उन्होंने महाकुंभ का आयोजन किया है. 144 साल बाद महाकुंभ होने जा रहा है इसका इतना प्रचार किया सरकार 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम किया है. ये बातें चैनलों के माध्यम से सुनने को मिली.

अखिलेश यादव ने की ये मांग

सपा प्रमुख ने कहा कि मेरी मांग है कि महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर स्पष्टीकरण के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए. महाकुंभ आपदा प्रबंधन और खोया-पाया केंद्र की जिम्मेदारी सेना को दी जाए. महाकुंभ हादसे में हुई मौतों, घायलों के इलाज, दवाइयों, डॉक्टरों, भोजन, पानी, परिवहन की उपलब्धता के आंकड़े संसद में पेश किए जाएं. महाकुंभ त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो और सच्चाई छिपाने वालों को सजा मिले. हम डबल इंजन की सरकार से पूछते हैं कि अगर कोई गलती नहीं थी, तो आंकड़ों को क्यों दबाया, छिपाया और मिटाया गया?…”

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