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अमेरिका, फ्रांस और रूस ने मनमोहन सिंह के निधन पर जताया शोक, चीन और पाकिस्‍तान ने यूं किया याद


वाशिंगटन/कोलंबो :

देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हो गया और आज उनका दिल्‍ली के निगम बोध घाट पर अंतिम संस्‍कार किया जाएगा.  दुनिया के अलग-अलग मुल्‍कों के नेताओं ने उन्‍हें याद किया है. उनके निधन पर अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, रूस, पाकिस्तान और श्रीलंका समेत दुनियाभर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को याद किया. भारत में आर्थिक सुधारों के जनक मनमोहन सिंह (92) का गुरुवार रात एम्स में निधन हो गया था. उनके परिवार में पत्नी गुरशरण कौर और तीन बेटियां हैं. अफगानिस्तान, मालदीव, मॉरीशस और नेपाल के नेताओं ने भी सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की है. 

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, ‘‘डॉ. सिंह अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी के सबसे बड़े समर्थकों में एक थे और पिछले दो दशकों में हमारे देशों द्वारा मिलकर हासिल की गई अधिकतर उपलब्धियों की नींव उन्होंने ही रखी थी.”

भारत ने महान व्‍यक्ति खो दिया : मैक्रों 

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ‘‘भारत ने एक महान व्यक्ति खो दिया है”. मैक्रो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भारत ने एक महान व्यक्ति और फ्रांस ने डॉ. मनमोहन सिंह के रूप में एक सच्चा मित्र खो दिया है. उन्होंने अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित कर दिया. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और भारत के लोगों के साथ हैं.”

पुतिन ने बताया उत्‍कृष्‍ट राजनेता 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक उत्कृष्ट राजनेता बताया और भारत-रूस संबंधों को ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक’ साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने में उनके योगदान को याद किया. 

पुतिन ने एक शोक संदेश में कहा कि सिंह ने भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और विश्व मंच पर इसके हितों को स्थापित करने में सफलता पाई. 

पुतिन ने सिंह के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी शोक संवेदना प्रेषित की. 

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दिसानायक ने व्‍यक्‍त की संवेदना

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायक ने शोक संदेश जारी किया और पूर्व प्रधानमंत्री को ‘‘एक दूरदर्शी नेता” बताया. 

संदेश में कहा गया है, ‘‘श्रीलंका की जनता और अपनी ओर से मैं भारत गणराज्य, डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार और दुनियाभर में उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं.”

इसमें कहा गया है, ‘‘एक दूरदर्शी नेता के रूप में डॉ. सिंह का प्रभाव राष्ट्रीय सीमाओं से परे था. वर्ष 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में, उनकी परिवर्तनकारी नीतियों, जैसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ने समानता और समावेशिता के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया.”

चीन ने कुछ इस तरह से किया याद 

चीन ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों के विकास में ‘‘सकारात्मक योगदान” दिया. 

चीन ने कहा कि उनके कार्यकाल में जटिल सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. 

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह भारत के एक वरिष्ठ राजनेता और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री थे तथा उन्होंने भारत-चीन संबंधों के विकास में सकारात्मक योगदान दिया. 

पाकिस्‍तान को याद है उनका विनम्र व्‍यवहार 

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि वह डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से दुखी हैं. 

डार ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पाकिस्तान के चकवाल जिले के एक गांव में जन्मे डॉ. सिंह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे. उन्हें उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्र व्यवहार के लिए याद किया जाएगा.”

उन्होंने कहा, ‘‘सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान-भारत द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी. पाकिस्तान की जनता और सरकार डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार, भारत की जनता और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है.”

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कनाडा के पूर्व पीएम ने बताया ज्ञान के धनी व्‍यक्ति 

कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने कहा, ‘‘सिंह, असाधारण बुद्धिमत्ता, ईमानदारी और ज्ञान के धनी व्यक्ति थे. मैं उनके परिवार तथा दोस्तों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.”

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह के निधन पर दुख व्यक्त किया. 

ओली ने फेसबुक पर लिखा, ‘‘मैं मनमोहन सिंह के निधन पर हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं.”

उन्होंने कहा, ‘‘‘मित्र राष्ट्र भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रख्यात अर्थशास्त्री और मेरे प्रिय मित्र डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है.  मुझे नेपाल और भारत के बीच आपसी हितों से जुड़े मामलों पर हमारी चर्चा याद आती है। मैं दिवंगत सिंह के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं.”

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक दूरदर्शी नेता और असाधारण राजनेता डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से गहरा दुख हुआ.  उनके परिवार और भारत के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना.”

वह दयालु पिता की तरह थे : नशीद 

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा, ‘‘मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. मुझे उनके साथ काम करना हमेशा अच्छा लगता था और वह एक दयालु पिता की तरह थे. वह मालदीव के अच्छे मित्र थे.”

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने उन्हें ‘एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री और भारत के आर्थिक सुधारों का जनक’ कहा. 

‘भारत ने सबसे शानदार पुत्रों में से एक को खो दिया’ 

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत ने अपने सबसे शानदार पुत्रों में से एक को खो दिया है. 

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करजई ने कहा, ‘‘भारत ने अपने सबसे शानदार पुत्रों में से एक को खो दिया है. सिंह अफगानिस्तान के लोगों के लिए एक मजबूत सहयोगी और मित्र थे. मैं उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं और उनके परिवार, सरकार तथा भारत के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.”

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी सिंह को श्रद्धांजलि दी.

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ अपने सम्मानित और प्रिय मित्र डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनकर मैं दुखी हूं.”

मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने भी संवेदना व्यक्त की.

जगन्नाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री सिंह के निधन से दुखी हूं. उनकी दूरदृष्टि ने न केवल भारत को प्रगति के पथ पर अग्रसर होने में मदद की, बल्कि मॉरीशस समेत मित्र देशों की प्रगति में भी उनकी गहरी रुचि थी. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और सभी शोक संतप्त लोगों के साथ हैं.”


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