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महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग पर गतिरोध के बीच राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे को किया फोन, यहां अटकी है बात

महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग पर गतिरोध के बीच राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे को किया फोन, यहां अटकी है बात

सीट शेयरिंग पर गतिरोध दूर करने के लिए राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे को किया फोन

Maharashtra Politics: लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस INDI Alliance गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग पर लगातार फैसले ले रही है. इसी के बीच अब महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से आठ पर जारी गतिरोध पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को उद्धव ठाकरे को फोन किया. इन दिनों भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कथित तौर पर शिवसेना के (यूबीटी) नेता से 1 घंटे तक बातचीत की थी. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस मुंबई की छह लोकसभा सीटों में से तीन- मुंबई दक्षिण मध्य, मुंबई उत्तर मध्य और मुंबई उत्तर पश्चिम पर चुनाव लड़ना चाहती है. वहीं कथित तौर पर उद्धव ठाकरे राज्य में 18 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, जिनमें मुंबई की चार सीटें – मुंबई साउथ, मुंबई नॉर्थ वेस्ट, मुंबई नॉर्थ ईस्ट और मुंबई साउथ सेंट्रल शामिल हैं.

दोनों के बीच 8 सीटों पर है गतिरोध

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महाविकास अघाड़ी के तहत उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की राकांपा और कांग्रेस के बीच लोकसभा चुनाव के लिए सीटों का गठबंधन पूरी तरह नया है. दरअसल, महाविकास अघाड़ी के तहत इन्होंने लोकसभा चुनावों के बाद वैचारिक रूप से बेमेल गठबंधन बनाया था, हालांकि तीनों एक समझौते के तहत 40 सीटों पर राजी दिख रहे हैं, लेकिन 8 सीटों पर बात अटकी हुई है. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अभिवाजित शिवसेना ने 48 में से 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 18 पर जीत हासिल की थी, जिसमें मुंबई की तीन सीटें शामिल थीं.

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उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने बीजेपी के साथ तोड़ा था 25 साल पुराना गठबंधन

महाराष्ट्र राज्य चुनावों के बाद सत्ता शेयरिंग की शर्तों से असहमत उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कुछ ही महीनों के बाद बीजेपी के साथ अपना 25 साल पुराना गठबंधन खत्म कर लिया था. शिवसेना के विभाजन के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई और एकनाथ शिंदे के गुट ने भाजपा के साथ नई सरकार बनाई.

शरद पवार की पार्टी को भी करना पड़ा टूट का सामना

इस साल की शुरुआत में, शरद पवार की एनसीपी को भी ऐसी ही टूट का सामना करना पड़ा. दरअसल, शरद पवार के भतीजे अजीत पवार एकनाथ शिंदे-भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे. कांग्रेस को अपने दो प्रमुख नेताओं  पूर्व सीएम अशोक चव्हाण और मिलिंद देवड़ा के बीजेपी में शामिल हो जाने के बाद ऐसे कुछ अन्य घटनाक्रमों की आशंका है. इस दलबदल वाली राजनीति ने महाराष्ट्र के विपक्षी सहयोगियों के सीट शेयरिंग को और जटिल बना दिया है. 

सूत्रों के मुताबिक- इस कांग्रेस में दलबदल वाले घटनाक्रम के बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी मुंबई की सीटों पर बड़ी हिस्सेदारी चाहती है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उद्धव ठाकरे, शरद पवार, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सभी इसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह जानते हुए कि प्रत्येक पार्टी के लिए ये अस्तित्व की लड़ाई है.

ममता बनर्जी के साथ भी सीट शेयरिंग के  प्रयास में कांग्रेस

कांग्रेस ने हाल ही में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग के फॉर्मुले पर फाइनल मुहर लगा दी है. पार्टी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ समझौते को पूरा करने के प्रयासों को भी दोगुना कर दिया है, जिन्होंने अपने राज्य की 42 सीटों में से पांच से अधिक सीटें छोड़ने से इनकार कर दिया है.

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