अमेरिका के सट्टेबाजों में राष्ट्रपति चुनाव में कौन ले रहा लीड, कमला हैरिस या डोनाल्ड ट्रंप

सट्टा बाजार की पंसद कौन
अब वोटिंग को केवल कुछ ही दिन बचे हैं ऐसे में जनता का मूड क्या है, यह देश के सट्टा बाजार में किस पर ज्यादा लोग आशांवित हैं इसे देखकर भी पता चल जाता है.
ट्रंप को मिल रही बढ़त
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने अभियान के इतिहास में पहली बार चुनाव दिवस तक एक सप्ताह शेष रहते सट्टेबाजी विंडो पर बढ़त बनाए हुए हैं. यानी मतदान से ठीक एक सप्ताह पहले डोनाल्ड ट्रंप सट्टेबाजों की नजर में चुनाव में बढ़त बना रहे हैं.

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ब्रिटेन के सट्टेबाज बेफ़्टफ़ेयर एक्सचेंज में ट्रम्प उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से -175 से +175 तक आगे हैं, जो अभी तक की उनकी सबसे बड़ी बढ़त है. यूएसए टुडे की खबर के मुताबित अन्य सट्टेबाजी हाउजेस में भी ऐसी स्थिति है. यानी दूसरे सट्टेबाजी कराने वालों के बीच भी ट्रंप आगे चल रहे हैं.
क्या कहते हैं सट्टेबाज
सट्टेबाजी घरानों की ओर से प्रवक्ता सैम रोसबॉटम का कहना है कि हालांकि, ट्रम्प अभी ड्राइविंग सीट पर हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह पहले की तरह आश्वस्त महसूस कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2016 में आखिरी समय में सट्टेबाजों की नजर में ट्रंप की वापसी हुई थी इसलिए चुनाव के आखिरी दो हफ्तों में कुछ भी हो सकता है.

बता दें कि 2016 के चुनाव से एक सप्ताह पहले तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को डोनाल्ड ट्रम्प पर बड़ी बढ़त हासिल थी, लेकिन चुनाव की रात वे हार गईं. 2020 में बाइडेन के पास वैसी ही बढ़त थी जैसी ट्रम्प के पास वर्तमान में है और उन्होंने आवश्यक राज्यों में इलेक्टोरल कॉलेज में अपनी बढ़त मामूली अंतर से हासिल की थी.
वोटिंग के सप्ताह पहले क्या है स्थिति
सट्टेबाजी में पिछले तीन राष्ट्रपति पद के चुनाव में वोटिंग से ठीक एक सप्ताह पहले क्या स्थिति बनी थी उस पर एक नजर डालते हैं. यह बेटफ़ेयर एक्सचेंज के आंकड़े हैं.
2024
ट्रंप: -175
हैरिस: +175
2020
बाइडेन: -200
ट्रम्प: +200
2016
क्लिंटन: -250
ट्रम्प: +275
कितने सही साबित होते हैं यह आंकड़े
अब बात करते हैं कि कितनी बार सट्टेबाजों के आंकड़े गलत या सही साबित हुए. 1866 से बेटिंग आंकड़े बताते हैं कि केवल दो ही बार सट्टेबाजों का अंदाजा गलत साबित हुआ है. यह 2016 में और 1948 में हुआ था. 1948 में हैरी ट्रूमैन (डेमोक्रैट) ने 8-1 से थॉमस डीवे (रिपब्लिकन)को हराया था.
बता दें कि 5 नवंबर को अमेरिका में वोटिंग होनी है और इसके बाद चुनाव परिणाम आ जाएंगे कि कौन जीता और फिर जनवरी में नए राष्ट्रपति को शपथ दिलाई जाएगी.