

नई दिल्ली:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को उम्मीदवार बना दिया जिसके बाद इन सीट पर प्रत्याशी बनाये जाने की आस लगाये पार्टी नेताओं ने बगावत कर दिया. भाजपा की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद पार्टी नेता रामलाल मरकंडा ने पार्टी छोड़ दी और एलान किया कि वह ‘निश्चित ही’ यह उपचुनाव लड़ेंगे. भाजपा नेता रणजीत सिंह ने भी कहा कि वह निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ेंगे.
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भाजपा ने इन छह पूर्व विधायकों को उन्हीं सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है जहां से वे विधानसभा से अयोग्य ठहराये जाने से पहले कांग्रेस के विधायक थे.
ये सभी 23 मार्च को कांग्रेस से भाजपा में चले गये थे. करीब एक महीने पहले उन्हें कांग्रेस के व्हिप की अवहेलना करने के लिए विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया था. मरकंडा ने मंगलवार को कांग्रेस के बागी रवि ठाकुर को मैदान में उतारे जाने के विरोध में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया.
पिछले विधानसभा चुनाव में ठाकुर ने लाहौल स्पीति सीट पर मरकंडा को हराया था. पार्टी के फैसले के खिलाफ पार्टी की प्रखंड इकाई ने इस्तीफा दे दिया एवं मरकंडा का समर्थन करने का निश्चय व्यक्त किया. मरकंडा ने कहा, ‘‘मैं पक्का विधानसभा उपचुनाव लड़ूंगा. कांग्रेस से मेरे चुनाव लड़ने की संभावना है.”
रणजीत सिंह ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव में मैं पार्टी प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का समर्थन करूंगा जबकि उपचुनाव में मैं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लडूंगा.” रणजीत सिंह पिछले विधानसभा चुनाव में राजेंद्र राणा से हार गये थे.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि मरकंडा और गगरेट के राकेश कालिया समेत कुछ भाजपा नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘ हिमाचल के लोग तेज हैं और वे लोकतंत्र में विश्वास करते हैं. वे देवभूमि हिमाचल में आया राम, गया राम संस्कृति का पालन करन वाले खासकर अपने आप को बेच देने वाले को मुंहतोड़ जवाब देंगे.”
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



