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घूसकांड : एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की – सूत्र

कमेटी ने अपनी सिफारिश में सबसे प्रमुख आधार राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाया गया. अपनी सिफारिश में कमेटी ने कहा है कि महुआ मोइत्रा ने अपनी संसदीय अकाउंट की लॉगिन डिटेल अनाधिकृत व्यक्तियों के साथ शेयर की हैं, जिसका असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है. कमेटी ने इसे गंभीर अपराध माना है और इसलिए महुआ मोइत्रा की 17वीं लोकसभा की सदस्यता बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है. 

कमेटी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा “अनैतिक, जघन्य और आपराधिक कृत्य” बताते हुए इसकी जांच भारत सरकार से समयबद्ध तरीके से करवाने की सिफारिश की है.

इसके अलावा कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से मोइत्रा ने जो कैश और अन्य सुविधाएं लीं, उसके Money Trail की जांच भी समयबद्ध तरीके से करवाने की सिफारिश की गई है. 

एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा के मामले में 500 पेज की रिपोर्ट दी है. कमेटी ने लोकसभा सचिवालय से यह भी सिफारिश की है कि इस पूरे मामले की विधि सम्मत, सघन, संस्थागत और समयबद्ध जांच हो. अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को फैसला लेना है.

लॉग-इन आईडी और पासवर्ड शेयर करने के लिए मिलनी चाहिए कड़ी सजा

एथिक्स कमेटी ने लॉग-इन आईडी और पासवर्ड शेयर करने के आरोपों पर कहा है कि इस गंभीर अपराध के लिए महुआ को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी थी. इसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे. इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया गया था.

बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी को दिए अपने संसद अकाउंट का लॉग-इन क्रेडेंशियल

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ही आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा ने संसदीय अकाउंट का लॉग-इन आईडी और पासवर्ड बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी के साथ शेयर किया था. हीरानंदानी ने टीएमसी सांसद की तरफ से सवाल पोस्ट किए. 

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महुआ ने भी माना- लॉग-इन पासवर्ड शेयर करने की बात

पहले इन आरोपों को महुआ ने गलत बताया था. बाद में हीरानंदानी के कबूलनामे के बाद आखिरकार महुआ ने भी माना कि उन्होंने अपने अकाउंट का लॉग-इन पासवर्ड हीरानंदानी को शेयर किया था. उन्होंने दर्शन हीरानंदानी को अपना पुराना दोस्त बताया है. हालांकि, मोइत्रा ने पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोपों को खारिज किया है.

2 नवंबर को एथिक्स कमेटी के सामने पेश हुई थीं मोइत्रा

घूसकांड के आरोपों पर महुआ मोइत्रा 2 नवंबर को एथिक्स कमेटी के सामने पेश हुई थीं. इस दौरान महुआ ने कमेटी के सामने हंगामा किया था. कमेटी के चेयरमैन विनोद कुमार सोनकर ने महुआ से पूछे गए सवालों के तोड़-मरोड़ कर पेश करने, जनता की भावनाए भड़काने और कमेटी के अन्य सदस्यों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए दानिश अली के व्यवहार की निंदा की थी. दानिश कमेटी के सदस्य और बीएसपी के सांसद हैं. 

निशिकांत दुबे ने किया ट्वीट

इससे पहले झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को X पर लिखा- “लोकपाल ने आज मेरे कम्प्लेन पर आरोपी सांसद महुआ मोइत्रा के राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रखकर भ्रष्टाचार करने पर CBI इन्क्वायरी का आदेश दिया है.”

महुआ मोइत्रा ने भी किया रिएक्ट

इधर, निशिकांत दुबे की पोस्ट के 40 मिनट बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा- “CBI पहले 13 हजार करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में FIR करे.” महुआ ने लिखा- “पहले CBI मेरे इन दो सवालों का जवाब दे. इसके बाद वह मेरे घर आए और मेरे जूते गिन ले.”

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मोइत्रा के एक्स पार्टनर ने दर्ज कराई नई शिकायत

वहीं, महुआ मोइत्रा के एक्स पार्टनर और वकील जय अनंत देहाद्रई (Jai Anant Dehadrai) ने उनके खिलाफ एक नई शिकायत दर्ज कराई है. सुप्रीम कोर्ट में वकील जय अनंत देहाद्रई ने मंगलवार को महुआ मोइत्रा पर ट्रेसपासिंग यानी उनके घर में जबरन घुसने और स्टाफ को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए हौज खास पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. इससे पहले देहाद्रई ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के सामने अपनी जान का खतरा जताया था.

वकील जय अनंत देहाद्राई ने मंगलवार को हौज खास पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को चिट्ठी लिखी है. इसमें देहाद्राई ने आरोप लगाया, ” कमेटी के सामने पेश होने के बाद महुआ मोइत्रा 5 और 6 नवंबर को बिना सूचना दिए उनके घर आ गई थीं. मुझे डर है कि मोइत्रा मेरे कुत्ते हेनरी के बहाने मुझपर दबाव बनाने की कोशिश कर सकती हैं.”

वकील जय अनंत देहाद्राई ने सीबीआई और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को बीते दिनों चिट्ठी लिखकर दावा किया था कि तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी. इन शिकायतों की वजह से मोइत्रा के खिलाफ पार्लियामेंट एथिक्स कमेटी ने जांच की थी.

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