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ले सकते हैं लीगल एक्शन… हरियाणा चुनाव पर EC के लेटर का कांग्रेस ने दिया जवाब, कहा- आपने खानापूर्ति की


नई दिल्ली:

कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव से संबंधित उसकी शिकायतों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया. आयोग ने इस मामले में खुद को ही क्लीन चिट दे दी थी. कांग्रेस पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार को लिखे एक जवाबी चिट्ठी में कटाक्ष करते हुए ये बातें कही. पार्टी ने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग ने अपने तटस्थ स्वरूप को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय कर रखा है, तो वह इस दिशा में उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ रहा है. कांग्रेस ने लिखा, “अगर चुनाव आयोग इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता रहा, तो पार्टी के पास ऐसी टिप्पणियों के लिए कानूनी सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.”

कांग्रेस द्वारा भेजे गए इस पत्र पर पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी और कुछ अन्य नेताओं के हस्ताक्षर हैं.

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आयोग ने 29 अक्टूबर खारिज किए थे कांग्रेस के आरोप
निर्वाचन आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में अनियमितता से संबंधित कांग्रेस के आरोपों को 29 अक्टूबर को खारिज कर दिया था. चुनाव आयोग ने कहा था कि पार्टी पूरे चुनाव नतीजों की विश्वसनीयता के बारे में उसी तरह का संदेह पैदा कर रही है, जैसा उसने अतीत में किया था.

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे एक पत्र में आयोग ने कहा था कि इस तरह के ‘तुच्छ और बेबुनियाद’ संदेह ‘अशांति’ पैदा करने की क्षमता रखते हैं, खासकर मतदान और मतगणना जैसे महत्वपूर्ण चरण में, जब राजनीतिक दलों और जनता की बेचैनी चरम पर होती है.

प्रतिक्रिया का लहजा सही नहीं
कांग्रेस ने कहा, “हमने हमारी शिकायतों पर आपकी प्रतिक्रिया का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया है. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि निर्वाचन आयोग ने खुद को क्लीन चिट दे दी है. हम आम तौर पर इसे छोड़ देते, लेकिन आयोग की प्रतिक्रिया का लहजा और भाव, इस्तेमाल की गई भाषा, कांग्रेस के खिलाफ लगाए गए आरोप हमें प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करते हैं.”

पार्टी ने लिखा, “हम नहीं जानते कौन है, जो माननीय आयोग को सलाह दे रहा है या मार्गदर्शन कर रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि आयोग यह भूल गया है कि यह संविधान के तहत गठित एक निकाय है, जिस पर कुछ महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करने का उत्तरदायित्व है.”

EVM की बैटरी से जुड़ी शिकायतों पर स्पष्टता नहीं
कांग्रेस के अनुसार, अगर आयोग किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी को सुनवाई की अनुमति देता है या उसके द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच करता है, तो यह कोई अपवाद नहीं है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की बैटरी से जुड़ी शिकायतों पर स्पष्टता की बजाय भ्रमित करने का प्रयास किया गया है. शिकायतों का स्पष्ट रूप जवाब नहीं दिया गया. उसने दावा किया कि शिकायतों और याचिकाकर्ताओं को कमतर दिखाने पर जोर दिया गया. अहंकार से भरा जवाब दिया गया.

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हरियाणा में 5 अक्टूबर को हुए थे चुनाव, 8 को आए नतीजे
बता दें कि हरियाणा में 5 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 90 में से 48 सीट जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस 37, इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) 2 और निर्दलीय 3 सीट पर विजयी रहे.

कांग्रेस ने 26 सीटों पर EVM को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस ने हरियाणा की 26 विधानसभा सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर गिनती के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के ‘कंट्रोल यूनिट’ में बैटरी का स्तर 99% दिखने पर सवाल उठाए थे और स्पष्टीकरण मांगा था.


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