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"केंद्र अपनी नीतियों पर जवाब देने के लिए सबसे उपयुक्त है": मंत्री ने Fact-Check Unit का बचाव किया

नई दिल्ली:

भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने The Hindkeshariइंडियन कार्यक्रम के दौरान   Fact-Check Unit  का बचाव करते हुए कहा कि सरकार के लिए अपनी Fact-Check Unit  स्थापित करना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह कल्याणकारी नीतियों और अन्य योजनाओं के बारे में गलत सूचना से निपटने के लिए सबसे उपयुक्त है. उनकी टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपनी स्वयं की तथ्य जांच इकाई स्थापित करने के सरकार के कदम पर रोक लगाने के कुछ ही दिनों बाद आई है.

उन्होंने कहा “तथ्य तथ्य हैं. राय राय हैं. हाल ही में, एक विपक्षी दल ने पोस्ट किया कि भारतीय रेलवे के यात्रियों में 80% की कमी आई है. आपको रेलवे से पूछना होगा कि इस गलत सूचना से निपटने के लिए सही संख्या क्या है,” 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “अगर केंद्र सरकार से संबंधित कोई प्रश्न है, तो उस तथ्य का उत्तर देने के लिए कौन बेहतर स्थिति में है? केंद्र सरकार.” ऐसे में  Fact-Check Unit का होना बेहद ज़रूरी है.

प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के तहत तथ्यों की जांच करने वाली इकाई केंद्र सरकार के लिए अधिकृत तथ्य जांच इकाई होगी. यह इकाई सरकार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करेगी, जिससे गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है. तथ्यों की जांच करने वाली इकाई को 2021 के आईटी नियमों के तहत अधिसूचित किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक यूनिट को लेकर केंद्र की अधिसूचना (SC Hold Central’s Notification On Fact Check Unit) पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. केंद्र द्वारा फेक न्यूज की चुनौती से निपटने के लिए” प्रेस सूचना ब्यूरो के तहत तथ्य जांच इकाई को अधिसूचित करने के एक दिन बाद ही सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अधिसूचना पर रोक लगा दी गई है.

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