देश

दिल्ली जल संकट: ‘आप’ सरकार ने हरियाणा से मानवीय आधार पर पानी छोड़ने का आग्रह किया


नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पानी की कमी के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार ने हरियाणा से मानवीय आधार पर यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का आग्रह किया है. दिल्ली की जल मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुनक नहर और वजीराबाद जल शोधन संयंत्र में पानी की कमी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में शोधित जल का उत्पादन करने में सात करोड़ गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) की कमी आ गई है.

उन्होंने कहा कि छह जून को दिल्ली में सामान्य रूप से जल उत्पादन लगभग 1,002 एमजीडी था जो अशोधित जल की कमी के कारण शुक्रवार को घटकर 932 एमजीडी रह गया. मंत्री ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने मानवीय आधार पर हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी के लोगों के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ने की अपील की है.’ उन्होंने कहा कि गर्मी कम होने के बाद यमुना के जल के बंटवारे से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है.

हरियाणा से अपर्याप्त जल प्रवाह के कारण दिल्ली में शोधित जल का उत्पादन घटकर 932 एमजीडी रह गया है. आतिशी ने कहा कि वजीराबाद बैराज का जलस्तर छह फुट घटकर 668.5 फुट हो गया है तथा मुनक नहर से मिलने वाला पानी घटकर 902 क्यूसेक रह गया है.

मंत्री ने कहा वजीराबाद बैराज में जलस्तर 674.5 फुट रहना चाहिए लेकिन अभी यह केवल 668.5 फुट है. वजीराबाद बैराज में पानी लगभग खत्म हो चुका है और बिल्कुल भी पानी नहीं आ रहा है.

यह भी पढ़ें :-  दिल्ली में बुजुर्गों के मुफ्त इलाज के लिए अरविंद केजरीवाल ने की संजीवनी योजना की घोषणा

उन्होंने कहा, ‘दूसरी तरफ मुनक नहर से भी दिल्ली को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है. दस जून को मुनक नहर से दिल्ली को 925 क्यूसेक पानी मिला था, जो 11 जून को घटकर 919 क्यूसेक, 12 जून को घटकर 903 क्यूसेक, 13 जून को घटकर 906 क्यूसेक और 15 जून को घटकर 902 क्यूसेक रह गया है.’

मंत्री ने कहा कि शुक्रवार को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड की बैठक में दिल्ली में जल संकट का कोई समाधान नहीं निकल सका. उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश अपने द्वारा इस्तेमाल नहीं किया गया पानी दिल्ली को देने के लिए तैयार है.

मंत्री ने कहा, ‘मैंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से फोन पर बात की और उन्होंने मुझे सहयोग का आश्वासन दिया है.’

उन्होंने कहा कि शनिवार को दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है उनका पता लगाया जाए तथा पानी के टैंकर की संख्या बढ़ाई जाए.

वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड के टैंकर जल-संकट वाले क्षेत्रों में लगभग 10,000 फेरे लगा रहे हैं और प्रतिदिन 10 एमजीडी पानी की आपूर्ति कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बवाना, द्वारका और नांगलोई जैसे कुछ अन्य क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को पानी उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन ट्यूबवेल लगाये गए हैं.

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button