छत्तीसगढ़जनसंपर्क छत्तीसगढ़

महिलाओं और बच्चों के कल्याण में खर्च का हर रुपया पारदर्शी तरीके से उपयोग हो: श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े….

रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि विभाग को प्राप्त हर एक रुपया महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए है। इसलिए व्यय में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े मंत्रालय महानदी भवन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक व्यय विवरण एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं।

बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभाग को आवंटित कुल बजट में अब तक 89 प्रतिशत राशि व्यय होने पर संतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि सभी जिलों में स्वीकृत राशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र महिलाओं को समय पर किस्त का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों के उन्नयन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ वर्ष 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी लाने हेतु ‘पोषण ट्रैकर’ में रियल टाइम डेटा एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा है और इसके लिए विभागीय अधिकारियों की सराहना की।

यह भी पढ़ें :-  CG News: माओवाद से बदले माहौल की मिसाल बना बीजापुर का यह गांव, नेल्लानार योजना से आई विकास की रौशनी….

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

श्रीमती राजवाड़े ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक 15 दिन में व्यय की समीक्षा जिला स्तर पर की जाए और मासिक रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाए। राज्य स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का प्रावधानित हिस्सा सीधे लाभार्थी मूलक योजनाओं पर खर्च होना चाहिए।

उन्होंने फील्ड विजिट बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया जाए। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कैंप लगाने के भी निर्देश दिए।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने भारत सरकार से वित्त पोषित योजनाओं के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली से समय पर समन्वय स्थापित कर अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव,संयुक्त संचालक, सभी उपसंचालक, सहायक संचालक एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button