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Exclusive: फैशन टेक्नोलॉजिस्ट ने बताया कि कैसा है भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के यूनिफॉर्म का डिजाइन

नई दिल्ली:

ISRO अपने अगले गगनयान मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों को विशेष ट्रेनिंग दे रहा है. इन्हें अभी भी मिशन से पहले कई  बारीकियों के बारे में बताया और अंतरिक्ष में मौजूद स्थिति से वाकिफ कराया जा रहा है. आपको बता दें कि इन चारो अंतरिक्ष यात्रियों के नाम पिछले महीने सामने आए थे. इसके बाद ही पीएम मोदी ने भी कहा था कि आज देशवासी इन यात्रियों से मिल रहे हैं लेकिन मैं सबसे अनुरोध करूंगा कि आने वाले समय में इन यात्रियों व उनके परिवार को कोई तंग ना करे.ऐसा इसलिए भी क्योंकि ये सभी भारत के एक बड़े मिशन के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और हम नहीं चाहते हैं कि इनका ध्यान इस मिशन के अलावा कहीं और जाए. 

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इन यात्रियों को देश के सबसे बड़े मिशन में से एक पर भेजने के लिए इसरो अभी से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है. इसी क्रम में इसरो ने इन यात्रियों द्वारा अंतरिक्ष में पहनी जाने वाली यूनिफॉर्म को बनाने के लिए देश की फैशन डिजाइन से जुड़ी सबसे बड़ी संस्था निफ्ट से संपर्क किया है. इसरो ने निफ्ट को इन अंतरिक्ष यात्रियों के यूनिफॉर्म बनाने को कहा है. 

NIFT ने तैयार किया है डिजाइन

अंतरिक्ष यात्रियों ने फरवरी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), बेंगलुरु की एक टीम द्वारा डिजाइन की गई नीली ग्राउंड यूनिफॉर्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. निफ्ट टीम ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पंख भी डिजाइन किया है. निफ्ट ने अंतरिक्ष यात्रियों के यूनिफॉर्म को एनर्जेटिक रूप देने के लिए एक असममित डिजाइन चुना, जिसमें नीला रंग आकाश और शांति का प्रतीक है. जिस कपड़े से इस यूनिफॉर्म को बनाया गया है वह कपास से बना है. 

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The Hindkeshariके साइंस एडिटर पल्लव बागला ने प्रोफेसर जोनाली बाजपेयी की डिजाइन लैब का दौरा किया. जोनाली बाजपेयी वहीं हैं जिन्होंने यूनिफॉर्म पर काम करने वाली डिजाइनरों की टीम का नेतृत्व किया था. पल्लव बागला ने यह जानने की भी कोशिश की कि कैसे फैशन तकनीशियन ने गगनयान के स्वरूप और अनुभव में योगदान दे रहे हैं. 

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जिस दिन इन अंतरिक्ष यात्रियों को पीएम मोदी के समक्ष लाया गया था. उस दिन अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पहनी गई यूनिफॉर्म को निफ्ट द्वारा इसरो को प्रदान की गई 70 विभिन्न विकल्पों की सूची में से चुना गया था. प्रोफ़ेसर बाजपेयी ने कहा, “मेरी टीम ने 150 डिज़ाइनों पर काम किया और इसरो की टीम को 70 अलग-अलग विकल्प दिए गए थे. 

ग्राउंड यूनिफॉर्म अंतरिक्ष यात्री सूट से अलग है, जिसे भारत ने रूस से खरीदा है. प्रोफेसर बाजपेयी ने कहा, नीला रंग शांति, शांति और दृढ़ता की भावना का प्रतीक है.उन्होंने आगे कहा कि हम गहरे और हल्के नीले रंग और कुछ क्षैतिज पट्टियों के साथ रंगों के एक सुंदर संतुलन तक पहुंचे हैं.अंतरिक्ष यात्री पैच में पंख, अशोक चक्र और इसरो लोगो शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि पंख सौर पैनलों के खुलने के समान हैं और सकारात्मकता, प्रचुरता, उड़ान और ऊंचाई का एहसास कराते हैं. ये यह भी दर्शाता है कि अंतरिक्ष यात्री भारतीय वायु सेना से हैं. इसके केंद्र में अशोक चक्र है. हमने इसरो के लोगो को चक्र और पंखों वाले लोगों से मर्ज कर दिया है. 

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ग्राउंड यूनिफ़ॉर्म में एक असममित डिज़ाइन होता है जिसमें एक तरफ हल्का नीला और दूसरी तरफ गहरा नीला होता है. निफ्ट, बेंगलुरु के फैशन टेक्नोलॉजिस्ट डॉ. मोहन वीके ने बताया, असममिति बहुत गतिशील है, बहुत सारी दृश्य जानकारी रखती है और युवा दिखती है. मोहन ने कहा कि आवश्यकता यह थी कि यह विशेष सूट 140 करोड़ भारतीयों को उत्साहित करे. दूसरे, यह अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं वाले देशों के विशिष्ट अंतरिक्ष क्लब में भारत के प्रवेश की जोरदार घोषणा होनी चाहिए. ऐसी आवश्यकताओं के आधार पर, हमने अपनी डिज़ाइन दिशाओं को विषमता तक सीमित कर दिया है. 

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