देश

विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के PM से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा


दोहा :

एक दिवसीय यात्रा पर रविवार को कतर की राजधानी दोहा पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने वहां के नेताओं से भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने तथा आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की. विदेश मंत्री ने कतर की राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से बातचीत की. अल थानी से मुलाकात के बाद जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, “राजनीतिक, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और दोनों देशों की जनता के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बातचीत की. क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर पर भी विचार-विमर्श किया. गाजा की स्थिति पर उनके दृष्टिकोण की सराहना करता हूं.”

उन्होंने कतर के अमीर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी दीं. 

जयशंकर की यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था, “भारत और कतर के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं. दोनों देशों के नेताओं व अन्य लोगों की नियमित यात्रा इसकी गवाह है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 14-15 फरवरी को कतर का दौरा किया और वहां के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ चर्चा की.”

यह भी पढ़ें :-  उत्तराखंड के जंगलों को आग से बचाने के लिए बड़ा कदम, बढ़ाए गए चीड़ की पत्तियों को इकट्ठा करने के दाम

मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्री की यात्रा दोनों पक्षों को राजनीतिक, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आम लोगों के बीच आपसी संबंधों के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों सहित द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने में सक्षम बनाएगी.”

कतर में आठ लाख से अधिक भारतीय 

इस साल की शुरुआत में अपनी दोहा यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को कतर में आठ लाख से अधिक भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए धन्यवाद दिया और कतर के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने व गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की.

कतर के अमीर ने भी खाड़ी क्षेत्र में एक मूल्यवान भागीदार के रूप में भारत की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कतर के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान और कतर में आयोजित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी की भी सराहना की.

दोनों देशों के बीच 20 बिलियन डॉलर का व्‍यापार

प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा था, “भारत-कतर द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर के करीब है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में भी बहुआयामी साझेदारी है.”

फरवरी में गोवा में आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह के मौके पर दोनों देशों ने कतर से भारत को 2028 से 20 वर्षों के लिए 7.5 एमएमटीपीए एलएनजी की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर की यह तीसरी आधिकारिक यात्रा है. इससे पहले उन्होंने 20 जून को श्रीलंका और 23 जून को यूएई का दौरा किया था.

यह भी पढ़ें :-  रूस से लौटे विदेश मंत्री एस जयंशकर ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भेंट की अपनी किताब की पहली प्रति

ये भी पढ़ें :

* अस्ताना में SCO शिखर सम्मेलन में जयशंकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
* चीन के राजदूत ने जयशंकर से मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंधों पर रहा जोर
* जयशंकर ने आबू धाबी के मंदिर में की पूजा-अर्चना, बोले- ये भारत-UAE दोस्ती का एक जीवंत प्रतीक

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button