अमेरिका में पूर्व भारतीय जासूस पर पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप: रिपोर्ट

दिल्ली:
अमेरिका ने पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव पर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Khalistani terrorist Gurpatwant Singh Pannun) को मारने की असफल साजिश रचने का आरोप लगाया है. विकास यादव पहले रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) से जुड़े हुए थे. अमेरिका ने उन पर पन्नू की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया है. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने उन पैसे देकर हत्या की कोशिश और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है, ये जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से सामने आई है.
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‘अमेरिका के लोगों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं’
एफबीआई डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे ने एक बयान में कहा, ” FBI अमेरिका में रहने वालों के खिलाफ हिंसा या बदले की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगी.” उनका कहना है कि ये साजिश कथित तौर पर मई 2023 में रचनी शुरू की गई थी. उस समय कथित तौर पर भारत सरकार के कर्मचारी रहे विकास यादव ने कथित तौर पर हत्या के लिए भारत और विदेशों में रह रहे लोगों की मदद की. उनका टारगेट गुरपतवंत सिंह पन्नू था, जो भारत में एक नामित आतंकी है, जो कि खालिस्तानी समर्थक है.
पूर्व भारतीय जासूस पर पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप
रॉयटर्स के मुताबिक, विकास यादव फिलहाल भारत में ही हैं, लेकिन अमेरिकी अधिकारी उनके प्रत्यर्पण की मांग कर सकते हैं. विकास यादव पर पन्नू की हत्या के लिए भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को हायर करने का आरोप है. निखिल गुप्ता को पिछले साल जून में प्राग में गिरफ्तार किया गया था, और बाद में अमेरिका में उनको प्रत्यर्पित किया गया. हालांकि निखिल ने दोषी नहीं होने की बात कही थी. अभियोग में बताया गया है कि कैसे रॉ एजेंट विकास यादव ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या की साजिश रचने के लिए हायर किया था.
अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि निखिल गुप्ता को लगा कि 2023 में कनाडा में निज्जर की हत्या के बाद पन्नू को तुरंत मारने की जरूरत है. अभियोग के मुताबिक, निखिल गुप्ता का मानना था कि निज्जर की हत्या के बाद पन्नू की हत्या के लिए इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है.
पन्नू मामले में क्या हुआ था
इस साल सितंबर में, अमेरिका की एक अदालत ने पन्नू केस को लेकर भारत सरकार को समन जारी किया था, जिसमें हत्या की साजिश का आरोप लगाया गया था. भारत सरकार ने समन को “पूरी तरह से अनुचित” बताया था.
सरकार, डोभाल समेत इन लोगों के नाम समन
समन में भारत सरकार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, पूर्व रॉ प्रमुख सामंत गोयल, विकास यादव और निखिल गुप्ता को नामित किया गया था. उनसे 21 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया था.