दुनिया

"ज्यादा बंधकों की रिहाई के लिए कतर-मिस्र के मध्यस्थों के साथ चल रही बातचीत": हमास

नई दिल्ली:

इजरायल पर हमास (Israel Hamas War) के आतंकियों ने 7 अक्टूबर को हमलाकर बहुत से लोगों की या तो मार दिया या फिर बंधक बना लिया. हमास के आतंकियों ने इजरायल समेत कई अन्य देश के 200 से ज्यादा नागरिकों को बंधक बना रखा है. दुनिया के कई अन्य देश इस संघर्ष पर विराम लगाने और दोनों संघर्षरत देशों के बीच शांति कायम करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. दूसरे देशों की मध्यस्थता के बीच हमास ने दो अमेरिकी नागरिकों को रिहा कर दिया है. अमेरिकी महिलाओं की रिहाई के बाद शुक्रवार को हमास ने कहा कि बंधक बनाए गए और नागरिकों को रिहा करने के लिए कतर और मिस्र के मध्यस्थों के साथ काम कर रहा है. 

यह भी पढ़ें

ये भी पढ़ें-लेबनान बॉर्डर के पास के शहर से 20 हजार से अधिक लोगों को हटाएगा इजरायल | हमास की कैद में 200 बंधक

‘बंधकों को रिहा करने के लिए चल रही बात’

गाजा के इस्लामिक शासकों का कहना है कि अगर सुरक्षा हालात अनुमति देते हैं तो बंधक नागरिक फ़ाइल को बंद करने के आंदोलन के फैसले को लागू करने के लिए सभी मध्यस्थों के साथ वह काम कर रहे हैं. साथ ही उसने और नागरिकों की रिहाई का संकेत दिया है. हमास ने कहा कि कतर और मिस्र की कोशिशों के बाद अमेरिकी जूडिथ ताई रानन और उनकी बेटी नताली शोशना रानन को छोड़ दिया गया है. 

‘200 बंधकों में से 2 नागरिकों की रिहाई’

गाजा के हमास शासकों ने करीब 200 बंधकों में से दो अमेरिकियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया और संकेत दिया कि और भी लोग छोड़े जा सकते हैं. इज़रायली सरकार ने बताया कि अमेरिकी जूडिथ ताई रानन और उनकी बेटी नताली शोशना रानन शुक्रवार देर रात इज़रायल वापस आ गईं. हालांकि उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.  वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन नें दोनों नागरिकों की रिहाई पर खुशी जताई और दोनों महिलाओं से फोन पर बात की.

यह भी पढ़ें :-  इजरायल के खिलाफ आयोजक के कमेंट के बाद Meta और Google ने वेब समिट में हिस्सा लेने से किया इनकार

हमास ने दो अमेरिकी नागरिकों को किया रिहा

दोनों महिलाओं को जब हमास ने छोड़ा तो वह गाजा बॉर्डर पर एक इजरायली राजदूत से मिलवाया गया. जिसके बाद दोनों को मध्य इज़रायल में एक सैन्य अड्डे पर ले जाया गया,जहां पर उनका परिवार पहले से ही उनका इंतजार कर रहा था.  बता दें कि दोनों मां-बेटी को 7 अक्टूबर को इज़रायल-गाजा बॉर्डर के पास नाहल ओज़ किबुत्ज़ से हमास से आतंकियों ने किडनैप कर लिया था. उस सम दोनों कथित तौर पर इज़रायल में छुट्टी मनाने आई थीं. 

ज्यादा बंधको ंको छोडे़ जाने के संकेत

दूसरे बंधकों की तरह दोनों अमेरिकी महिलाओं का परिवार भी गाजा के आंतकियों से उनकी रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान चला रहा था. रिहा हुई नताली के सौतेले भाई बेन रानन ने बीबीसी से बातचीत में उनकी रिहाई पर खुशी जाहिर की और सरकार के प्रति कृतज्ञता जाहिर की. साथ ही बहन के लिए दुआ करने वालों को भी उन्होंने धन्यवाद दिया. वहीं हमास का कहना है कि कतर और मिस्र की मध्यस्थता के बाद अल-क़सम ब्रिगेड ने मानवीय कारणों से दोनों अमेरिकी नागरिकों को रिहा कर दिया.

ये भी पढ़ें-“भारत के एक्शन से लाखों लोगों का जीवन कठिन…” : राजनयिक विवाद पर कनाडा P

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button