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चंपाई सोरेन पर हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा दावा, झारखंड पुलिस लगाया यह सनसनीखेज आरोप


नई दिल्ली:

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने यह आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की जासूसी की जा रही है. उनका दावा है कि इस संबंध में दिल्ली पुलिस में एक एफआईआर कराई गई है. सोरेन शुक्रवार को बीजेपी में शामिल होने वाले हैं. सोरेन अभी भी झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. 

सरमान ने बुधवार को एक प्रसे कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि सोरेन की पिछले 10 दिन से जासूसी की जा रही है.उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने सोरेन की शिकायत पर इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज की है. हालांकि एफआईआर दर्ज कराने की पुष्टि न तो सोरेन और न ही दिल्ली पुलिस ने की है. 

दिल्ली के किस होटल में रुके चंपाई सोरेन

सरमा की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक हिस्सा सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया गया है. इसमें आसाम के मुख्यमंत्री को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि सोरेन के साथियों ने उस होटल से दो लोगों को पकड़ा है, जिसमें सोरेन रह रहे हैं. पकड़े गए लोग तस्वीरें ले रहे थे. वे उस होटल में पिछले हफ्ते दिल्ली आने के बाद से रह रहे हैं. उनका दावा है कि पकड़े गए लोग झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर हैं. उनका दावा है कि पकड़े जाते समय उन्होंने खुद को पत्रकार बताया था. 

सरमा ने दावा किया,”एक हफ्ते पहले चंपाई सोरेन दिल्ली आए थे और तीन दिन तक रहे थे. वो 26 अगस्त को कोलकाता होते हुए फिर दिल्ली गए. दोनों ही बार वो होटल ताज में रुके. दोनों ही बार उनका पीछा किया गया. मंगलवार को सोरेन के साथियों ने दो लोगों को फोटो लेते हुए पकड़ा.पकड़े जाने के बाद पहले उन्होंने कहा कि वो पत्रकार हैं, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि वे झारखंड पुलिस के सब इंस्पेक्टर हैं और स्पेशल ब्रांच में पोस्टेड हैं.”

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उन्होंने दावा किया कि पकड़े गए लोगों को बाद में दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया. 

किसके आदेश पर कर रहे थे काम

सरमा ने आरोप लगाया, ”दोनों स्वीकार किया कि वो पिछले काफी समय से चंपाई का पीछा कर रहे हैं. उनका कहना है कि स्पेशल ब्रांच के आईजी प्रभात कुमार के आदेश पर चंपाई सोरेन का पीछा करने की जिम्मेदारी दी गई है.मैं उन दोनों लोगों की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहा हूं, क्योंकि ऐसा करना उचित नहीं होगा.”

असम के मुख्यमंत्री के इन दावों पर अभी तक झारखंड की पुलिस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. दिल्ली पुलिस की ओर से भी अभी तक इसको लेकर कोई बयान नहीं आया है.

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