देश

"उनकी इमेज साफ-सुथरी…" : अधीर रंजन चौधरी ने वरुण गांधी को दिया कांग्रेस ज्वॉइन करने का ऑफर

अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार (26 मार्च) को मीडिया से कहा, ”गांधी परिवार से होने के कारण बीजेपी ने वरुण गांधी को टिकट नहीं दिया. वरुण गांधी को कांग्रेस में शामिल होना चाहिए. वह एक बड़े, सुशिक्षित और साफ छवि के राजनेता हैं. हम चाहते हैं कि वरुण गांधी अब कांग्रेस में शामिल हों. अगर पार्टी ज्वॉइन करते हैं, तो हमें खुशी होगी.”

Candidate Kaun: पीलीभीत लोकसभा सीट से खतरे में वरुण गांधी का टिकट? BJP इन पर लगा सकती है दांव

बीजेपी ने पीलीभीत से जतिन प्रसाद को दिया टिकट

बीजेपी ने रविवार को लोकसभा चुनाव के लिए पांचवीं लिस्ट जारी की थी. इसमें 111 उम्मीदवारों के नाम थे. बीजेपी ने पीलीभीत से इस बार वरुण गांधी को टिकट न देकर यूपी के मंत्री जितिन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है. जबकि, वरुणा गांधी की मां मेनका गांधी को सुल्तानपुर से टिकट दिया गया है. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद दो साल पहले कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे.

पीलीभीत में पहले फेज में 19 अप्रैल को वोटिंग होनी है. यहां नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 27 मार्च है. यानी वरुण के पास पीलीभीत से चुनाव लड़ने की घोषणा करने के लिए 24 घंटे से भी कम समय है. 

लोकसभा चुनाव 2024: वीके सिंह, अश्विनी चौबे का कट सकता है टिकट, BJP इन बड़े नेताओं पर फिर खेल सकती है दांव

मेनका और वरुण गांधी का गढ़ मानी जाती है पीलीभीत

पीलीभीत लोकसभा सीट मेनका और वरुण गांधी का गढ़ मानी जाती है. 2009 में अपने पहले चुनाव में वरुण गांधी ने 4.19 लाख वोटों के साथ पीलीभीत में निर्णायक जीत हासिल की थी. 2014 और 2019 में उनकी बाद की जीत ने परिवार के राजनीतिक प्रभुत्व को और मजबूत किया. 

यह भी पढ़ें :-  2030 तक 45 GW रीन्यूएबल एनर्जी हासिल करने को लेकर प्रतिबद्ध : गौतम अदाणी

“कहीं ‘नाम’ के प्रति नाराजगी लाखों का ‘काम’ न बिगाड़ दे…”: अपनी ही सरकार पर फिर बरसे वरुण गांधी

बीजेपी ने 2013 में बनाया था राष्ट्रीय महासचिव 

2013 में वरुण गांधी को बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया था. इसी साल उन्हें पश्चिम बंगाल में बीजेपी का प्रभारी भी बनाया गया था. वह वक्त ऐसा था, जब यूपी की सियासत में बीजेपी में वरुण का नाम प्रमुख नेताओं में था. यही नहीं, यूपी के सीएम के लिए भी उनका नाम सियासी गलियारे की चर्चा में आ जाता था.

हालांकि, 2014 में बीजेपी की नई कार्यकारिणी का गठन हुआ. इसमें वरुण को जगह नहीं मिली. 10 साल में वरुण को किसी तरह की कोई बड़ी जिम्मेदारी पार्टी में नहीं मिली. बता दें कि वरुण अक्सर केंद्र और उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की सरकारों के बारे में आलोचनात्मक विचार व्यक्त करते रहे हैं. 

लोकसभा चुनाव : BJP की 111 उम्मीदवारों की 5वीं सूची जारी, कंगना रनौत को मौका; वरुण गांधी का टिकट कटा

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button