देश

"मैं पूर्व मुख्यमंत्री हूं, कोई रिजेक्टेड नहीं": भविष्य की अटकलों के बीच शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान.

भोपाल:

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chauhan) के भविष्य पर अब तक बीजेपी ने कोई संकेत नहीं दिया है. ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनके लिए पार्टी क्या विचार कर रही है. इस बीच शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनको पूर्व मुख्यमंत्री कहा जाता है, लेकिन यह रिजेक्शन नहीं है. उन्होंने कहा कि सीएम पद से हटने के बाद भी मध्य प्रदेश के लोग उनको बहुत प्यार करते हैं. 

यह भी पढ़ें

ये भी पढ़ें-मुंबई से गुवाहाटी जा रही है IndiGo की फ्लाइट ने ढाका में की इमरजेंसी लैंडिंग

मैं एक रिजेक्टेड मुख्यमंत्री नहीं हूं-शिवराज सिंह चौहान

पुणे में एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा पूर्व सीएम शिवराज ने कहा, “मुझे अब पूर्व मुख्यमंत्री कहा जाता है, लेकिन मैं एक रिजेक्टेड मुख्यमंत्री नहीं हूं. कई बार, मुख्यमंत्री तब पद छोड़ देते हैं जब लोग उन्हें लंबे समय तक सत्ता में रहने के लिए गालियां मिलने लगती हैं.  लेकिन सीएम पद छोड़ने के बाद भी लोग जहां जाते हैं लोग उनको मामा कहकर बुलाते हैं. लोगों का प्यार ही मेरा असली खजाना है.”

बीजेपी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मुख्यमंत्री पद से हटने का मतलब यह नहीं है कि मैं सक्रिय राजनीति छोड़ दूंगा. मैं किसी पद के लिए राजनीति में नहीं हूं, बल्कि लोगों की सेवा करने के लिए हूं.” 1990 में अपनी गृह सीट बुधनी से पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने से शुरू हुए अपने लंबे चुनावी करियर के बारे में बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अपनी जीत का श्रेय ईमानदारी से चुनाव लड़ने को दिया.

यह भी पढ़ें :-  राज्यसभा में 'महाभारत' : सभापति जगदीप धनखड़ ने संजय और धृतराष्ट्र का जिक्र क्यों किया?

’11 चुनाव जीते, कभी अपने लिए प्रचार नहीं किया’

शिवराज सिंह ने जोर देते हुए कहा कि वह अहंकार की भाषा नहीं बोलते. उन्होंने 11 चुनाव जीते हैं लेकिन अपने लिए कभी प्रचार नहीं किया. उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने से ठीक एक दिन पहले वह निर्वाचन क्षेत्र में जाते हैं, शिवराज सिंह ने कहा कि अगर ईमानदारी से चुनाव लड़ा जाए तो लोग आपके साथ रहेंगे.”

शिवराज सिंह चौहान की यह टिप्पणी मोहन यादव के मध्य प्रदेश की सत्ता संभालने के एक महीने बाद आई है. बता दें कि शिवराज सिंह चौहान करीब 20 सालों तक सत्ता में रहे. इसके बाद भी बीजेपी को इस चुनाव राज्य में 230 में से 163 सीटें हासिल हुईं.  3 दिसंबर को नतीजे घोषित होने और एक नए चेहरे के मध्य प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनने की चर्चा के बाद, शिवराज ने कहा था, , “जबकि अन्य बीजेपी नेता दिल्ली जा रहे हैं, मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा, अपने लिए कुछ मांगने के लिए दिल्ली जाने के बजाय मरना पसंद करूंगा.”

टिप्पणियों की वजह से चर्चा में शिवराज

बता दें कि शिवराज सिंह चौहान सत्ता से हटने के बाद पिछले कुछ दिनों से अपनी टिप्णियों की वजह से चर्चा में बने हुए है. डॉ. मोहन यादव के सीएम बनने के बाद शिवराज सिंह ने कहा था, “कभी-कभी किसी को ‘वनवास’ (निर्वासन) मिलता है, जबकि ‘राज तिलक’ आसन्न होता है, लेकिन जो कुछ भी होता है वह वास्तव में एक बड़े उद्देश्य के लिए होता है.”वहीं कुछ दिनों बाद, भोपाल में एक आध्यात्मिक संगठन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, “ऐसे लोग भी हैं जो अगर कोई मुख्यमंत्री नहीं रहता है तो अपना रंग बदल लेते हैं. 

ये भी पढ़ें-“सशस्त्र हमला…”: रूस ने की अमेरिका-ब्रिटेन के यमन पर हमलों की निंदा

यह भी पढ़ें :-  राजस्थान में BJP-कांग्रेस के लिए मुसीबत बन सकती हैं छोटी पार्टियां? आंकड़ों से समझिए

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button