मैने अपनी मां खोई…राजनाथ सिंह ने कांग्रेस को क्यों याद दिलाए इंदिरा गांधी के इमरजेंसी वाले हालात?

करनाल, हरियाणा:
हरियाणा में 10 लोकसभा सीटों (LokSabha Elections 2024) पर 25 मई को होने वाले मतदान से पहले माहौल काफी गरमाया हुआ है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1975 के इमरजेंसी वाले दौर को याद करते हुए कांग्रेस पर एक बार फिर से करारा हमला बोला है. राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उनको याद दिलाने की कोशिश की कि कैसे पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र का गला घोंट दिया था. राजनाथ सिंह का ये बयान कांग्रेस के उस आरोप के बीच आया है, जिसमें उसने कहा था कि अगर 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को 400 सीटें मिलती हैं, तो “लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा.”
कांग्रेस के वार पर राजनाथ का पलटवार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरियाणा के करनाल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “…वे (कांग्रेस) कहते हैं कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 400 से ज्यादा सीटें मिलती हैं, तो इससे देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा और वह तानाशाह बन जाएंगे. लेकिन इंदिरा गांधी 1975 से पहले जब चुनाव हार गई थीं, उस समय उनको नैतिकता के आधार पर पीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र का गला घोंट दिया था.”
“Indira Gandhi imposed emergency, choked democracy”: Rajnath Singh hits back at Congress
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— ANI Digital (@ani_digital) May 22, 2024
फिर याद आए इमरजेंसी के वो हालात…
रक्षा मंत्री ने कहा, “लाखों लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया. 24 साल की उम्र में मुझे भी ढाई महीने जेल हमें रहना पड़ा. जो भी इसकी पुष्टि करना चाहता है, कर सकता है. उन्होंने (कांग्रेस) लोकतंत्र का गला घोंट दिया. जब यह ऐलान हुआ कि इमरजेंसी को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है, तो सदमे से मेरी मां की मौत हो गई.” उन्होंने ये बात हरियाणा में एक चुनावी रैली के दौरान कही.
हरियाणा की 10 सीटों पर 25 मई को चुनाव
बता दें कि हरियाणा की 10 संसदीय सीटों पर 25 मई को एक ही चरण में लोकसभा चुनाव होने हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनावों में, बीजेपी ने हरियाणा में सभी 10 सीटों पर फतह हासिल की थी. साल 2014 के चुनावों में बीजेपी को राज्य में 7 सीटें मिली थीं. जबकि इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) ने 2 सीटें जीतीं और कांग्रेस को सिर्फ एक सीट ही हासिल हुई थी.