देश

महाकुंभ के मेले में कोई खो गया तो कैसे मिलेगा? जानें क्या है व्यवस्था


प्रयागराज:

दिव्य और भव्य महाकुंभ को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रबंधन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस ने लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए महाकुंभ मेला क्षेत्र में दस अत्याधुनिक डिजिटल ‘खोया-पाया केंद्र’ स्थापित किए हैं. सभी केंद्रों में 55 इंच का एलईडी स्क्रीन लगाया गया है. इसे लाउडस्पीकर से जोड़ा गया है. इससे खोया-पाया सामान और व्यक्तियों के बारे में जानकारी दी जाएगी.  इतना ही नहीं इन केंद्रों पर महाकुंभ से संबंधित घाटों और मार्गों के बारे में सारी व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी जाएगी.

एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी. उनके आने-जाने और स्नान की सुरक्षित व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धालुओं की सहायता, सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10 कंप्यूटराइज्ड खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं. संगम वापसी मार्ग के पश्चिमी छोर पर स्थित मुख्य मॉडल केंद्र में सामान्य दिनों में 5 कर्मचारी और स्नान पर्व के दौरान 9 कर्मचारी तैनात रहेंगे.

Latest and Breaking News on NDTV

खोए-पाए व्यक्तियों की जानकारी कंप्यूटर पर दर्ज की जाएगी और सूचना देने वाले को कंप्यूटराइज्ड रसीद प्रदान की जाएगी. 55 इंच के बड़े एलईडी स्क्रीन पर खोए व्यक्तियों की फोटो और विवरण प्रसारित किए जाएंगे. सभी केंद्र एक-दूसरे से आधुनिक संचार प्रणाली से जुड़े हुए हैं. सूचना का प्रसारण फेसबुक, एक्स, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी होगा.

पूछताछ केंद्र भी स्थापित

महाकुंभ में यात्रियों की सहायता के लिए मेला क्षेत्र में पूछताछ केंद्र भी स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर महाकुंभ, प्रयागराज शहर और मेला क्षेत्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी. इसके अलावा पुलिस थानों, चौकियों, फायर स्टेशन, अस्पताल, पोस्ट ऑफिस और प्रमुख अधिकारियों के कार्यालयों का विवरण भी रहेगा. बस और रेलवे स्टेशनों की स्थिति और ट्रेनों के समय की जानकारी दी जाएगी. तीर्थ स्थान, मंदिर, ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचने के साधन और मार्गों के साथ ही अखाड़ों, महामंडलेश्वरों के शिविरों, कल्पवासी शिविरों और स्नान घाटों की जानकारी दी जाएगी.

यह भी पढ़ें :-  Mahakumbh 2025 : 10 देशों का डेलिगेशन संगम में डुबकी लगाने के बाद हेलिकॉप्टर में क्यों होगा सवार

श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए ट्रैफिक स्कीम और मेले में लागू ट्रैफिक प्रतिबंध, होटल और धर्मशालाओं की सूची और दरें, स्वयंसेवी संस्थाओं की जानकारी भी दी जाएगी. (भाषा इनपुट के साथ)


Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button