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कोटा-बूंदी बनेंगे बेटियों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की मिसाल: ओम बिरला


नई दिल्ली:

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर देश में  पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा का आदर्श मॉडल स्थापित करने वाला कोटा-बूंदी अब बेटियों के आर्थिक स्वावलम्बन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी मिसाल बनेगा.  छप्पन भोग परिसर में सुपोषित मां अभियान के तृतीय चरण के शुभारम्भ के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सुपोषित मां अभियान  की लाभार्थी माताओं के घर जन्म लेने वाली बेटियों का हम स्वागत करेंगे. 

उन्होंने कहा समाज के सहयोग से बेटियों की जिम्मेदारी हम उठाएंगे. वे योग्य बनें, इसके लिए प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक का समुचित प्रबंध किया जाएगा. बेटियां अपने पैरों पर खड़ी होंगी तो पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होगा. उन्हें न केवल आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करेंगे, बल्कि उनकी शिक्षा से लेकर विवाह तक की जिम्मेदारी का निर्वहन भी करेंगे.  

बिरला ने कहा कि मां केवल जीवनदायिनी नहीं, बल्कि संवेदना, स्नेह और त्याग की प्रतिमूर्ति है. उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना पूजा के समान है. तृतीय चरण में समाज के हर अभावग्रस्त परिवार की महिला तक पहुंच कर उन्हें सुपोषित बनाना हमारा लक्ष्य है. गर्भवती महिलाओं को समुचित पोषण के साथ उनके स्वास्थ्य व गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 5 वर्ष पूर्व जन सहयोग से इस अभियान की शुरुआत की गई थी. मुझे प्रसन्नता है कि पहले दो चरणों के परिणाम बेहद सकारात्मक रहे और 15 हजार से अधिक माताओं और बहनों को इस अभियान का लाभ मिला. 

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बहनों को बनाएंगे आत्मनिर्भर 

गर्भवती माता की कोशिश होती है कि पहले अपने परिवार को भोजन करवाऊँ, क्योंकि उसके जीवन के संस्कार त्याग और समर्पण के हैं. हम उनके स्वास्थ्य की चिंता तो करेंगे हीं बल्कि सभी महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक रूप से सशक्त करेंगे. मेरा सपना है कि मेरी यह बहनें आत्मनिर्भर बनें, इसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देकर कुशल बनाएंगे और स्वयं सहायता समूह की मदद से घर पर ही रोजगार उपलब्ध कराएंगे.  

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सेवाभाव का अद्वितीय उदाहरण 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने एक जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि एक जनसेवक के रूप में क्षेत्र के लोगों की सेवा करते हुए सुपोषित माँ अभियान की शुरुआत की, जो उनके सेवाभाव का अद्वितीय उदाहरण है. एक गर्भवती महिला को सही पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, तो न केवल एक स्वस्थ शिशु का जन्म होगा, बल्कि एक समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रखी जाएगी. राजस्थान को विकसित राज्य और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने में ऐसे अभियानों की अहम भूमिका है. मातृशक्ति, जो समाज का आधार है, उसकी सशक्तता और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना हमारे राज्य की प्राथमिकता है. 

प्रदेश के लिए भी बनाएंगे योजना 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से अनुरोध करेंगी कि प्रदेश में भी सुपोषित मां अभियान की तर्ज पर  महिलाओं के लिए एक विशेष योजना बनाई जाए. पीएम मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए एक स्वस्थ और सशक्त समाज की आवश्यकता है, और ऐसे अभियान इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मील का पत्थर हैं. प्रधानमंत्री द्वारा इस अभियान की प्रशंसा इस बात का प्रमाण है कि यह पहल देशभर के लिए प्रेरणा बन चुकी है.  

 लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि कोटा-बूंदी क्षेत्र में मातृशक्ति की दशा और दिशा सुधारने वाली यह पहल आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है. ऐसे सामाजिक उत्थान के कार्य सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. आज हज़ारों महिलाएं इस अभियान का लाभ उठा रही हैं. स्वस्थ माँ और शिशु के माध्यम से पूरे परिवार में खुशी आती है और एक सशक्त समाज का निर्माण होता है.  

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स्वस्थ माताएं समर्थ समाज की नींव

कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि एक वो दौर था जब शहर  में नवजात शिशुओं की अकाल मृत्यु एक गंभीर चिंता का विषय थी. तब लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा-बूंदी की समस्त मातृशक्ति को सुपोषित करने का बीड़ा उठाया. आज यह अभियान जनसहभागिता का अद्वितीय उदाहरण बन चुका है. जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, समाजसेवकों और प्रबुद्धजनों के सम्मिलित प्रयासों से क्षेत्र में स्वस्थ संतति का जन्म हो रहा है और शिशु मृत्यु दर में भी गिरावट आई है. 
 

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1500 महिलाओं को भेंट किए किट

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने गर्भवती महिलाओं को पोषण किट भेंट कर अभियान की शुरुआत की. अभियान के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से वंचित परिवारों की 1500 से अधिक गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया है, जिन्हें प्रसव होने तक प्रतिमाह नि:शुल्क पोषण किट के साथ स्वास्थ्य जांच व परामर्श उपलब्ध करवाया जाएगा.

विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार हुई पोषण किट

गर्भावस्था में महिलाओं को आवश्यक पोषण व संतुलित आहार मिले, इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर्स व न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह पर गर्भवती महिलाओं के लिए 12.5 कि.ग्रा. की पोषण किट तैयार की गई है. प्रतिमाह दी जाने वाली किट के तहत लाभार्थी महिलाओं को 1 कि.ग्रा. देसी घी के मूंग के लड्डू , 3 कि.ग्रा. गेहूं का आटा, 1 कि.ग्रा. मक्का का आटा, 1 कि.ग्रा. बाजरा का आटा, 1 कि.ग्रा. चावल, 500 ग्राम सोयाबड़ी, 300 ग्राम मूंग छिलका, 300 ग्राम चना दाल, 300 ग्राम मूंग दाल मोगर, 300 ग्राम उड़द दाल छिलका, 1 कि.ग्रा. गुड़, 500 ग्राम मूंगफली दाना, 500  ग्राम भुना चना, 500 ग्राम पिंड खजूर व 1 कि.ग्रा. खाद्य तेल दिया जाएगा.   

स्वास्थ्य कार्ड में दर्ज होगा ब्यौरा

महिलाओं के स्वास्थ्य की निरन्तर मॉनिटरिंग के लिए उनके स्वास्थ्य कार्ड भी बनाए गए हैं. इसके माध्यम से प्रतिमाह आयोजित होने वाले फॉलोअप शिविर में पोषण किट के वितरण के साथ ही डॉक्टर्स द्वारा इन महिलाओं की विभिन्न प्रकार की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच व परामर्श दिया जाएगा. इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य कार्ड में दर्ज की जाएगी जिससे इनका फॉलोअप रखने में सहायता मिलेगी. इन महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के अतिरिक्त शिशु की समुचित सार-संभाल के लिए भी बुनियादी जानकारियां भी दी जाएगी.

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