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एकता की कमी, बयानबाजी… खरगे ने बताई कांग्रेस की हार की वजह; जानें CWC मीटिंग की बड़ी बातें


नई दिल्ली:

कांग्रेस की आज कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई. साढ़े 4 घंटे तक चली इस मीटिंग में देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. साथ ही महाराष्ट्र और झारखंड में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों पर भी मंथन किया गया. सीडब्ल्यूसी ने कहा कि देश में चुनावी प्रक्रिया की शुचिता से समझौता किया जा रहा है. पार्टी इस संबंध में लोगों की चिंताओं को राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उठाएगी. वहीं बैलेट पेपर का इस्तेमाल भी बैठक के एजेंडे में था. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईवीएम में कुछ गड़बड़ी की आशंका भी व्यक्त की है. 

कांग्रेस सीडब्ल्यूसी की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस पार्टी ने नए जोश के साथ वापसी की थी, लेकिन उसके बाद तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे. ‘इंडिया’ ब्लॉक ने चार में से दो राज्यों में सरकार बनाई, लेकिन हमारा प्रदर्शन जैसा होना चाहिए था, वैसा नहीं रहा. भविष्य के लिहाज से ये हमारे लिए चुनौती है.
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उन्होंने कहा कि पार्टी को तुरंत चुनावी नतीजों से सबक लेते हुए संगठन के स्तर पर अपनी सभी कमजोरियों और खामियों को दुरुस्त करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. यदि हम एक होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे, आपस में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला बंद नहीं करेंगे, तो अपने विरोधियों को राजनीतिक शिकस्त कैसे दे सकेंगे. इसलिए जरूरी है कि हम सख्ती से अनुशासन का पालन करें.

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खरगे ने कहा, “हर हाल में एक बने रहें. पार्टी के पास अनुशासन का भी हथियार है. लेकिन हम नहीं चाहते कि अपने साथियों को किसी बंधन में डालें. इसलिए सबको यह सोचने की जरूरत है कि कांग्रेस पार्टी की जीत में ही हम सबकी जीत है और हार में हम सबकी हार है. पार्टी की ताकत से ही हमारी ताकत है.”

वहीं कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मामलों पर विचार के लिए आंतरिक समितियों के गठन का फैसला किया है. सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में मणिपुर की स्थिति और उत्तर प्रदेश समेत अन्य जगहों पर सांप्रदायिक तनाव का भी जिक्र था.

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उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने उपासना स्थल अधिनियम, 1991 की मूल भावना के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई, जिसका भाजपा द्वारा खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है. सीडब्ल्यूसी प्रस्ताव में कहा गया कि महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे सामान्य समझ से परे हैं, ये स्पष्ट तौर से टारगेटेड हेरफेर का मामला लगता है. हम देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन चलाएंगे.

प्रस्ताव में कहा गया है कि सीडब्ल्यूसी का मानना ​​है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की शुचिता से गंभीर समझौता किया जा रहा है. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के संबंध में निर्वाचन आयोग की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

बैठक में 26 और 27 दिसंबर 2024 को कर्नाटक के बेलगाम में एक विशाल रैली के साथ गांधीजी के राष्ट्रपिता पद के 100वें वर्ष का जश्न मनाने का निर्णय भी लिया गया.

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