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रामलला के विराजमान होने पर नेताओं ने जताई खुशी, अमित शाह ने राम मंदिर को बताया सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक

गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय श्री राम- …5 सदी की प्रतीक्षा और प्रतिज्ञा आज पूर्ण हुई.” उन्होंने कहा, ‘‘आज का दिन करोड़ों रामभक्तों के लिये कभी ना भूलने वाला दिन है. आज जब हमारे रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, तब असंख्य रामभक्तों की तरह मैं भी भावविभोर हूं. इस भावना को शब्दों में समेट पाना संभव नहीं है.”

शाह ने कहा कि इस पल की प्रतीक्षा में ना जानें कितनी पीढ़ियां खप गईं, लेकिन कोई भी डर और आतंक रामजन्मभूमि पर फिर से मंदिर बनाने के संकल्प और विश्वास को डिगा नहीं पाया. उन्होंने राम मंदिर के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले सभी लोगों को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अनेक अपमान और यातनाएं सहीं पर धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा.

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद्, हजारों श्रेष्ठ संत और असंख्य नामी-गुमनामी लोगों के संघर्ष का आज सुखद व सुफल परिणाम आया है. यह विशाल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर युगों-युगों तक अविरल अविनाशी सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक रहेगा.”

वहीं बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि यह एक बड़ा ऐतिहासिक दिन है जो 500 वर्ष के इंतजार के बाद आया है. यह हम सभी के लिए बहुत पावन अवसर है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, “सियावर रामचन्द्र की जय! 500 से अधिक वर्षों के अनवरत संघर्ष के पश्चात आज का यह पावन क्षण भावुक करने वाला है. धर्मनगरी श्री अयोध्याधाम में प्रभु श्री रामलला विधि-विधान प्राण प्रतिष्ठित हुए हैं. यह हमारी पीढ़ी का परम सौभाग्य है कि हम इस पल के साक्षी हैं. आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिवस निरंतर कठोर यम-नियम का पालन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर प्रभु के विग्रह की स्थापना की. आज श्री अयोध्या जी के साथ हर गाँव, शहर, देश, विदेश, संपूर्ण विश्व राममय है. आइए, हम सभी भगवान श्री राम के आदर्शों, जीवन मूल्यों को आत्मार्पित करें और समाज व संस्कृति के लिए स्वयं को समर्पित करें.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “कमलनयन प्रभु श्रीराम, आज अयोध्या धाम में नूतन विग्रह में प्राण-प्रतिष्ठा के साथ, अपने दिव्य एवं भव्य मंदिर में स्थापित हुए. हनुमान के राम, तुलसीदास के राम, निषादराज के राम, अहिल्या के राम, शबरी के राम, त्यागराज के राम, गाँधी के राम, हम सबके राम, अखिल मानवता के राम! प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कई दशकों की राष्ट्र प्रथम की राजनीतिक साधना एवं 11 दिनों के शास्त्रोचित यम-नियम के पालन के पश्चात रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का विशाल अनुष्ठान संपन्न हुआ. मोदीजी की यह सफल साधना, उन पर प्रभु श्री राम की कृपा से ही संभव हो सकती है. श्रीराम कृपा से मोदीजी ने आज सनातन संस्कृति के नये अध्याय का प्रारंभ किया है, एक नये युग का प्रवर्तन किया है. श्रीरामचरितमानस में कहा गया है कि जिस पर राम कृपा होती है, उस पर सब की कृपा होती है. श्रीराम कृपा से मोदी जी, भारतवासियों को सुख, समृद्धि और सफलता के शिखर तक ले जायें, ऐसी मेरी मनोकामना है. जय सिया राम!”

ऐसा लगता है कि हम त्रेतायुग में आ गए हैं- सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “प्रभु राम लला के भव्य, दिव्य और नव्य धाम में विराजने की आप सभी को कोटि-कोटि बधाई. मन भावुक है. निश्चित रूप से आप सब भी ऐसा महसूस कर रहे होंगे. आज इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत का हर नगर, हर ग्राम अयोध्या धाम है. हर मन में राम नाम है. हर आंख हर्ष और संतोष के आंसू से भीगी है. हर जुबान राम नाम जप रही है. रोम-रोम में राम रमे हैं. ऐसा लगता है कि हम त्रेतायुग में आ गए हैं.”

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उन्होंने कहा, “श्री राम जन्मभूमि संभवत: विश्व में पहला ऐसा अनूठा प्रकरण होगा जिसमें किसी राष्ट्र के बहुसंख्यक समाज ने अपने ही राष्ट्र में, अपने आराध्य की जन्मस्थली पर मंदिर निर्माण के लिए इतने वर्षों और इतने स्तरों पर लड़ाई लड़ी हो. आज आत्मा प्रभुल्लित है इस बात से कि मंदिर वहीं बना है जहां बनाने का संकल्प लिया था.”

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500 वर्षों के प्रयास के बाद आज देख रहे ये स्वर्ण दिन- मोहन भागवत

आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “आज 500 वर्षों बाद राम लला यहां लौटे हैं और जिनके प्रयासों से हम आज का यह स्वर्ण दिन देख रहे हैं उन्हें हम कोटि-कोटि नमन करते हैं. इस युग में राम लला के यहां वापस आने का इतिहास जो कोई भी श्रवण करेगा, उसके सारे दुख-दर्द मिट जाएंगे, इतना इस इतिहास में सामर्थ्य है.”

वहीं असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रभु राम धर्म के विग्रह स्वरूप हैं. वे साधू एवं पराक्रमी हैं. जैसे देवगणों के राजा इंद्र हैं. वैसे ही प्रभु श्री राम हम सब के राजाधिराज हैं.

अयोध्या में सोमवार को नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर के करीब 50 वाद्ययंत्रों से ‘मंगल ध्वनि’ बजायी गयी. पूरा शहर धार्मिक उत्साह और भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है, क्योंकि प्राचीन ‘अयोध्या नगरी’ को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, विशेष रूप से राम पथ और धर्म पथ, जिसे सरकार ‘नव्य, दिव्य और भव्य अयोध्या’ कहती है.

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