
सेंसिल दो दिन बाद वापिस प्रयागराज आया तो अचानक से उसके नाक से ब्लीडिंग होने लगी जिसको उसने सामान्य समझा. फिर धीरे-धीरे उसे छींकें आने लगी. उसको इस दौरान सिर में दर्द भी हुआ. फिर अचानक से नाक से ब्लीडिंग के साथ समस्या बढ़ने पर वह डर गया.जिसके बाद सेंसिल तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचा और उसने अपनी ये तकलीफ शहर के नाज़ारेथ हॉस्पिटल के ईएनटी सर्जन डॉ सुभाष चंद्र वर्मा को बताई.

जब सेंसिल कल सोमवार 25 जून को डॉ सुभाष के पास पहुंचा तो डॉ सुभाष ने उसका चेक अप किया जिसमें उसकी नाक में दूरबीन के जरिए पूरा देखा गया तो डॉ को सेंसिल की नाक में कुछ दिखा. जिसके बाद ईएनटी सर्जन सुभाष चंद्र वर्मा ने ट्रीटमेंट शुरू कर एंडोस्कोपी के जरिए जोंक को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई है.

डॉक्टर वर्मा ने कहा कि ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर होता है. अगर जोंक को समय रहते बाहर न निकाला जाता तो युवक की जान खतरे में पड़ जाती. अब सेंसिल भी इस तरह अपनी जान पर बन आने के बाद कहता है कि लोग कहीं भी वाटर फॉल में नहाने जाए तो बड़ा सावधान रहें क्योंकि उसने इसका खामियाजा भुगता है.



