बरेली के मौलाना का ऐलान, 23 लड़के-लड़कियां धर्म परिवर्तन कर बनेंगे मुसलमान
उत्तर प्रदेश में फिर गरमाया धर्मांतरण का मुद्दा.(सांकेतिक इमेज)
नई दिल्ली:
उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन (UP Conversion) का मामला अक्सर ही विवादों में रहता है. एक बार फिर से धर्मांतरण (Religious Conversion) की चर्चा जोरों पर है. बरेली में सामूहिक धर्म परिवर्तन करवाए जाने का मामला काफी चर्चा में हैं. इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने ऐलान किया है कि वह 23 लड़के-लड़कियों को जल्द इस्लाम कबूल करवाने वाले हैं. उनका दावा है कि वह एक साथ 5 हिंदू लड़के-लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाकर उनका निकाह भी करवाएंगे.
मौलाना पर धर्म परिवर्तन करवाने का प्रेशर!
बरेली में दरगाह आला हजरत के नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा का कहना है कि दो सालो से उन्होंने धर्म परिवर्तन पर रोक लगा रखी थी. लेकिन अब मौलानाओं का प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ गया है. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में हिंदू धर्म बदलकर मुसलमान बनना चाहते है, जिस वजह से अब बंदिशों को खत्म कर दिया गया है. तौकीर रजा ने हालही में अपने दरगाह आला हजरत स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की. जिसमें उन्होंने ऐलान किया कि 21 जुलाई को 5 हिन्दू लड़के और लड़कियों का मुस्लिम रीति रिवाज से कलमा पढ़वाकर और नमाज पढ़वाकर इस्लाम कबूल करवाया जाएगा और उन्हें मुसलमान बनाया जाएगा. इसके बाद पांचों जोड़ो का निकाह करवाया जाएगा.
धर्मांतरण कार्यक्रम के लिए मांगी परमिशन
तौकीर रजा ने बताया कि धर्म बदलवाने और निकाह करवाने का यह काम 21 जुलाई को सुबह 11 बजे खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में होगा. उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन से परमिशन मांगी है. तौकीर रजा से जब पूछा गया कि अगर जिला प्रशासन ने उनको धर्म परिवर्तन कराने की परमिशन नहीं दी तो वह क्या करेंगे. इस पर उनका कहना है कि कि जिला प्रशासन ऐसा क्यों करेगा. उन्होंने इसके लिए परमिशन भी मांगी है. उनका कहना है जब देशभर में तमाम मुस्लिम हिंदू बनते हैं और तमाम मुस्लिम लड़कियां धर्म बदलकर हिंदुओं से शादी कर रही हैं, वे लोग तो परमिशन नहीं लेते हैं, जबकि वह तो प्रशासन से परमिशन मांग रहे हैं. उनका कहना है कि अगर जिला प्रशासन परमिशन नहीं देता है तो वह उसका स्पष्ट कारण भी पूछेंगे.