जनसंपर्क छत्तीसगढ़

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन में हुई शामिल विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करें संबोधन” —श्रीमती राजवाड़े…

रायपुर: मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन केवल परिचय का मंच नहीं, बल्कि दिव्यांग युवक–युवतियों को गरिमापूर्ण वैवाहिक जीवन की ओर अग्रसर करने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में सहमति बनने वाले जोड़ों का सामूहिक विवाह 28 फरवरी 2026 एवं 01 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन में हुई शामिल

उन्होंने बताया कि सम्मेलन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें सामान्य युवक–युवतियाँ भी शामिल हुए, जो दिव्यांगजनों से विवाह के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आए। यह सामाजिक समावेशन और समानता की दिशा में प्रेरक पहल है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील करते हुए कहा कि “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान और आत्मबल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग का आग्रह किया है। शब्द हमारी सोच और संवेदना को दर्शाते हैं, इसलिए समाज को सम्मानजनक भाषा अपनानी चाहिए।

विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करें संबोधन” —श्रीमती राजवाड़े

कार्यक्रम में विधायक माननीय श्री पुरंदर मिश्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद पाण्डेय, अग्रवाल समाज अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक श्री विरेंद्र पाण्डेय, श्री राजेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button