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"गलत समझ" : भारत ने मानवाधिकारों पर अमेरिका की रिपोर्ट को बताया 'पूरी तरह भेदभावपूर्ण'

सांकेतिक फोटो.

नई दिल्ली:

भारत ने मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन पर अमेरिकी विदेश विभाग की हालिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है. अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मणिपुर (Manipur Violence) और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में मानवाधिकारों (Human Rights) का उल्लंघन हुआ है. भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को भेदभावपूर्ण बताया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) का ये दस्तावेज पक्षपातपूर्ण है. ये भारत के प्रति उनकी खराब समझ को भी दिखाता है.

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भारत ने अमेरिका में नस्लीय हिंसा और फायरिंग के मामलों का जिक्र किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को वीकली मीडिया ब्रीफिंग में कहा- “एक डाइवर्स सोसायटी के तौर पर भारत धार्मिक आजादी और मानवाधिकारों का सम्मान करता है. अमेरिका के साथ बातचीत में हमने वहां के मुद्दों पर ध्यान दिलाया है. इसमें नस्ल और मूल के आधार पर होने वाले हमले, हेट क्राइम्स और गन वॉयलेंस के मुद्दे शामिल हैं.”

भारत ने कहा, “अमेरिका के साथ चर्चाओं में हमने लगातार उनके यहां नस्लीय भावना से प्रेरित हमलों, घृणा आधारित अपराध और बंदूक हिंसा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं. वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित बातों और विचारों के आधार पर कोई निष्कर्ष  नहीं निकाला जाना चाहिए. हम इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हैं.”

रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम आग्रह करते हैं कि राजनीति प्रेरित इनपुट के आधार पर आकलन से बचा जाना चाहिए. भारत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का आदर करता है.”

अमेरिकी यूनिवर्सिटी में हो रहे प्रदर्शनों पर हमारी नजर

अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी और दूसरी यूनिवर्सिटी में हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा,  “हमने इस मामले पर रिपोर्ट देखी है. हम संबंधित घटनाओं पर नजर रख रहे हैं. हर लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समझ के बीच सही संतुलन होना चाहिए.” उन्होंने कहा, “सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था के मामले में लोकतंत्रों को विशेष रूप से अन्य साथी लोकतंत्रों के संबंध में यह समझ प्रदर्शित करनी चाहिए. हम सभी का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाता है कि हम घर पर क्या करते हैं, न कि हम विदेश में क्या कहते हैं…”

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ईरान के जब्त जहाज पर मौजूद 16 भारतीय सुरक्षित और सेहतमंद

इजरायल के साथ बढ़े तनाव के बीच हाल ही ईरान ने एक जहाज को जब्त कर लिया था. इसके क्रू टीम में 17 भारतीय शामिल थे. एक महिला को रिहा किया गया है, लेकिन अभी भी 16 लोग जहाज पर मौजूद हैं. इसे जुड़े एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत ने कांसुलर एक्सेस लिया है. सभी 16 भारतीय सुरक्षित और सेहतमंद हैं. वो सभी परिवार के संपर्क में हैं. उन्हें कई दिक्कत नहीं है. उनके वापस आने का मामला संबंधित कंपनी से किए गए उनके कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा हुआ है.”

पन्नू मामले पर किया हाई लेवल कमिटी का गठन

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के मामले को लेकर अमेरिका की ओर से लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने कहा, “हमने विवरण पर विचार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है.”

चीन के साथ बांग्लादेश के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर भी नजर

चीन की सेना ने बांग्लादेश जाकर वहां की सेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है. इसपर विदेश मंत्रालय ने कहा, “चीन का बांग्लादेश जाने से चिंता की बात तो है. हम अपने पड़ोसियों पर कड़ी नज़र रखते हैं.”

विदेश मंत्रालय ने कहा, “नेशनल म्यूजियम के लिए भारत-फ्रांस का सहयोग अहम है.” भारत पुराने उपनिवेशवादियों के साथ सहयोग क्यों कर रहा है? इसके जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का कई देशों के साथ व्यापक सहयोग है. इसे मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

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