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MP Law & Order : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने की कानून व्यवस्था के संबंध में भोपाल संभाग की समीक्षा

भोपाल, 08 शनिवार। MP Law & Order : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में जोन और थानों की सीमाओं के प्रस्तावित युक्तियुक्तकरण का कार्य जनप्रतिनिधियों की सहमति से किया जाए। ऐसी व्यवस्था करें कि किसी भी जुलूस का संचालन देर रात तक न हो, आयोजन निश्चित समय सीमा में पूर्ण हों। इसके लिए शांति समितियों के साथ पहले से ही बैठक कर कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। सघन बस्तियों से त्योहारों के समय निकलने वाले जुलूसों में जिन क्षेत्रों में अपराध, हिंसा, अव्यवस्था की संभावना रहती है, उन क्षेत्रों का विकास पुलिस तथा नगरीय निकाय सहित अन्य ऐजेंसियों के साथ मिलकर समन्वित रूप से किया जाए। उद्देश्य यह हो कि इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के साथ-साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि का आवागमन भी सुगम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव आज कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में भोपाल संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित थीं।

अपराध और ठगी के नए तरीकों पर नियंत्रण जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि अपराध और ठगी के सामने आ रहे नए तरीकों पर नियंत्रण करने और इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्रवाई की जाए। उच्चाधिकारी इस पर भी नजर रखें कि थानों में बेकसूर लोगों को न फंसाया जाए और झूठी कार्यवाईयाँ न हों। निर्दोष लोगों को फंसाने वाले अधिकारी कर्मचारी के विरूध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि थानों में जब्त की गई सामग्री को उसके वास्तविक स्वरूप में ही रखा जाए, सामग्री से किसी भी प्रकार की छेड़-छाड़ न की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि थाना प्रभारी उनके क्षेत्र में रहने वाले संभ्रांत लोगों से भी संबंध और सम्पर्क बनाएं।

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जेलों का भी औचक निरीक्षण करें कलेक्टर्स

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिला कलेक्टर्स को जेलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए, साथ ही प्रदेश के सभी जेलों में बंदियों की स्थिति का विश्लेषण कर 15 दिन में रिर्पोट प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया। डॉ यादव ने कहा कि कैदियों के पुनर्वास के लिए उन्हें जेलों में विभिन्न कौशल संबंधी व्यवसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जेलों में बंद गलत फंसाए गए लोगों को आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

डीजे संचालन में लगे युवाओं के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित व नियम विरूद्ध प्रयोग पर कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कहा कि डीजे संचालन में लगे युवाओं के पुनर्वास के लिए विश्वकर्मा योजना सहित नगरीय निकायों के साथ मिलकर रोजगार की अन्य योजनाएं संचालित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। डॉ यादव ने कहा कि शादी विवाह तथा अन्य अवसरों पर बैंड बाजा व शहनाई का उपयोग हमारी परम्परा है। इसे प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण तथा अन्य नवाचार किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पुलिस बैंड प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की तथा 15 अगस्त तक सभी जिलों में पुलिस बैंड की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

नगरीय निकाय मांस विक्रय के लिए जल्द विकसित करें विशेष क्षेत्र

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि खुले में मांस के विक्रय पर कार्रवाई की जाए तथा नगरीय निकाय और नगर पंचायतें बजट में विशेष प्रावधान कर मांस विक्रय के लिए विशेष क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई तेज गति से करें। राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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बैठक में गंभीर अपराधों में आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण, महिला अपराधों पर नियंत्रण, मादक पदार्थों पर की गई कार्रवाई, नाबालिग बालक- बलिकाओं की बरामदगी, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, साइबर क्राइम पर की गई कार्यवाही तथा नवाचारों के संबंध में जानकारी दी गई।

भोपाल नगरीय पुलिस में आईपीसी अपराधों में आई गिरावट

भोपाल नगरीय पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायण चारी मिश्रा ने भोपाल नगरीय पुलिस के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि अपराध वर्ष 2022-23 में भोपाल में आईपीसी अपराध में 6 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या के मामलों में 42 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 14 प्रतिशत,लूट में 16 प्रतिशत, बलात्कार में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां बढ़ी हैं। पुलिस आयुक्त ने भोपाल कमिश्नरेट रेट के उल्लेखनीय कार्यों को भी प्रस्तुत किया। बैठक में भोपाल संभाग के विधायकगण, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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