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मस्क को बताया जाएगा चीन के साथ संभावित जंग का प्लान, आखिर टेक दिग्गज को क्यों दी जा रही इतनी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन


वॉशिंगटन:

एलन मस्क, एक नाम जिसने टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के जरिए टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष की दुनिया में नई क्रांति ला दी. लेकिन मार्च 2025 तक आते-आते अब उनकी पहचान सिर्फ एक रईस की नहीं रह गई. बल्कि वह अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी सलाहकारों में से एक बन चुके हैं. दुनियाभर में अमेरिकी राष्ट्रपति को रुतबा क्यों होता है जाहिर सी बात है कि ये तो किसी से छिपा नहीं. अब अगर मस्क ट्रंप के करीबी हैं तो उनका क्या दबदबा होगा इसका अंदाजा लगा लीजिए. ट्रंप ने भी मस्क को इस बार अहम जिम्मेदारी सौंपी है. एलन मस्क की नजर अमेरिकी सरकार के खर्चों को कम करने पर थी, लेकिन अब उन्हें ऐसी जानकारियां भी दी जा रही जो कि बेहद सीक्रेट रखी जाती है.

मस्क को क्यों दी जा रही सीक्रेट इन्फॉर्मेशन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी अरबपति एलन मस्क को शुक्रवार को पेंटागन द्वारा चीन के साथ छिड़े किसी भी युद्ध के लिए अमेरिकी सेना की योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी, न्यूयॉर्क टाइम्स ने गुरुवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी.  मस्क का यह कदम उनकी भूमिका को एक नए स्तर पर ले जा रहा था. ट्रंप के सलाहकार के तौर पर वे पहले से ही सरकार के खर्चों पर कैंची चला रहे थे, लेकिन अब सैन्य रणनीति में उनकी मौजूदगी ने सबको चौंका दिया. लोग हैरान थे कि एक बिजनेसमैन को इतनी संवेदनशील जानकारी क्यों दी जा रही है. क्या मस्क सिर्फ सलाह देने वाले है, या उनकी कोई और योजना है?

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मस्क के चीन में बड़े कारोबार को लेकर सवाल

एलन मस्क की कंपनियों—टेस्ला और स्पेसएक्स—के लिए यह मौका सोने की खान हो सकता था, लेकिन यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वे सत्ता और व्यापार के बीच संतुलन बना पाएंगे? एलन मस्क टेस्ला और स्पेसएक्स दोनों के प्रमुख हैं और चीन और पेंटागन के साथ उनके व्यापारिक हित जुड़े हैं. मस्क की जिंदगी में यह पहली बार नहीं था जब हितों के टकराव का मुद्दा उठा. टेस्ला का चीन में बड़ा कारोबार है, और स्पेसएक्स पेंटागन के साथ मिलकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है. 

मस्क की भूमिका पर व्हाइट हाउस ने क्या कुछ कहा

व्हाइट हाउस ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर कोई टकराव हुआ, तो मस्क खुद को उससे अलग कर लेंगे. लेकिन क्या यह इतना आसान है? वाशिंगटन से बीजिंग तक, हर कोई इस खबर पर नजर रखे हुए था. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन युद्ध योजना के लिए ब्रीफिंग में लगभग 20 से 30 स्लाइड हैं, जो बताती हैं कि अमेरिका इस तरह के संघर्ष से कैसे लड़ेगा. पेंटागन ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है कि मस्क शुक्रवार को आएंगे, लेकिन उन्होंने इस बारे में इससे ज्यादा कुछ और नहीं बताया. पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा, “रक्षा विभाग शुक्रवार को पेंटागन में एलन मस्क का स्वागत करने के लिए उत्साहित है. उन्हें सचिव (पीट) हेगसेथ ने आमंत्रित किया था और वे अभी दौरे पर आए हैं.”

एलन मस्क अब महज कोई बिजनेसमैन नहीं…

वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव कोई नई बात नहीं थी. तकनीक, व्यापार, साइबर सुरक्षा, ताइवान, हॉन्गकॉन्ग, और कोविड-19 के मुद्दों पर दोनों देशों की तल्खी जगजाहिर थी. ऐसे में मस्क का इस योजना में शामिल होना दुनिया के लिए एक संदेश है.  क्या मस्क इस योजना को देखकर कुछ सुझाव देंगे, या फिर उनकी मौजूदगी सिर्फ एक प्रतीक होगी? क्या वे सत्ता, व्यापार और नैतिकता के बीच संतुलन बना पाएंगे? यह कहानी अभी अधूरी थी, लेकिन एक बात साफ थी—एलन मस्क अब सिर्फ एक अरबपति नहीं है बल्कि वे एक ऐसे शख्स हैं जिनका ट्रंप के फैसलों में अहम रोल है.

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(वाशिंगटन से कनिष्क सिंह और फिल स्टीवर्ट की रिपोर्टिंग; एडविना गिब्स की एडिटेड स्टोरी का हिंदी अनुवाद)


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