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संविधान यात्रा और दिवस से PM मोदी ने की नई शुरुआत : The HindkeshariIndia संवाद कार्यक्रम में बोले किरेन रिजिजू


नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री-संसदीय मामले और अल्पसंख्यक मामले, किरेन रिजिजू ने The HindkeshariIndia संवाद कार्यक्रम, संविधान @75 में कहा कि, ”संविधान इस रूप में 26 नवंबर 1949 को आया था. दो दिन बाकी हैं, 75 साल पूरे हो जाएंगे. दो दिन के बाद जब हम संविधान दिवस मनाएंगे. मुझे लगता है कि 75 साल बाद हमें खुद भी आकलन करना है कि संविधान ने हमारे देश को किस रूप में बनाया है. एक नागरिक होने के नाते हम संविधान को किस तरीके से देखते हैं. आगे हमारा क्या विचार है.”

किरेन रिजिजू ने कहा कि, ”संविधान भले ही एक किताब है, लेकिन यह हमारे जीने की एक शैली भी होनी चाहिए. संविधान के बारे में बहुत सारे लोगों ने बहुत अच्छे विचार समय-समय पर रखे हैं. संसदीय कार्यप्रणाली जो हमारे हाथ में है, इसने संविधान की समय-समय पर व्याख्या की है. संविधान संशोधन समय-समय पर होते आए हैं. कुछ जजमेंट सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से आए हैं, जिनमें कुछ पाबंदियां भी लगाई गई हैं.”

उन्होंने कहा कि, ”यह तो सबको मालूम है कि संविधान स्टेटिक नहीं है, संविधान एक जर्नी है. इस सफर में कई बदलाव होते आए हैं और आगे भी होते रहेंगे. लोकतंत्र में कोई भी चीज स्थायी नहीं होती है, लेकिन कुछ मूल चीजें स्थायी होती हैं. उनमें छेड़छाड़ करनी भी नहीं चाहिए. मैंने देश के कानून मंत्री के रूप में भी काम किया है. कई विभागों को हमने देखा है. पूरा ज्ञान हमारे पास नहीं है कि संविधान बनाते समय क्या हुआ था? कुछ छोटी, कुछ बड़ी घटनाएं भी हैं. कई चीजें हैं जो हमारे सामने उभरकर नहीं आई हैं.”

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