देश

मानसून पर 7 साल बाद ऐसा अजब संयोग, जानिए इस बार कैसे देगा डबल सरप्राइज

मानसून का मौसम भारत की खेती के लिए बहुत ही अहम माना जाता है और हर साल देशभर के लोग बारिशों के सीजन के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं. भारत में मानसून सबसे पहले केरल में पंहुचता है और उसके 3-4 दिन बार उत्तर पूर्व के हिस्सों में पहुंचते हुए आगे बढ़ता है. हालांकि, 7 साल बाद ऐसी असामान्य घटना हो रही है कि अनुमान लगाया जा रहा है कि केल और उत्तर पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मॉनसून गुरुवार तक यानी 31 मई को पहुंच जाएगा. 

आमतौर पर केरल में 1 जून को और उसके कुछ दिन बाद उत्तर पूर्वी भारत में मानसून आता है. पिछले साल ऐसी असामान्य घटना 30 मई 2017 को देखी गई थी. इस वजह से यह वाकई लोगों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है. आईएमडी ने कहा, “इसी अवधि के दौरान दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव, कोमोरिन, लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं.”

कृषि के दृष्य से भारत के लिए बेहद अहम है मानसून

भारत के कृषि परिदृश्य के लिए मानसून महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुल खेती योग्य क्षेत्र का 52 प्रतिशत हिस्सा इस पर निर्भर करता है. यह देश भर में बिजली उत्पादन के अलावा पेयजल के लिए महत्वपूर्ण जलाशयों को फिर से भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है. जून और जुलाई को कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसून महीने माना जाता है क्योंकि खरीफ फसल की अधिकांश बुवाई इसी अवधि में होती है. 

Latest and Breaking News on NDTV

अल नीनो और ला नीना की बनी हुई है स्थिति

वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और अगस्त-सितंबर तक ला नीना की स्थिति बन सकती है. अल नीनो – मध्य प्रशांत महासागर में सतही जल का समय-समय पर गर्म होना – भारत में कमजोर मानसूनी हवाओं और शुष्क परिस्थितियों से जुड़ा है. ला नीना – अल नीनो का विरोधी – मानसून के मौसम में भरपूर बारिश की ओर ले जाता है. 

यह भी पढ़ें :-  तमिलनाडु में आखिर '0' लाकर भी क्यों खुश है BJP! पूरी कहानी समझिए

यह भी पढ़ें : 

आखिर आग के गोले क्यों बरसा रहा सूरज? 8 आसान प्वाइंट्स में समझिए…

क्या दिल्ली में वाकई हुआ पारा 52.3 डिग्री पार या आंकड़ों से हुई छेड़छाड़? IMD को गड़बड़ी का शक


Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button