कमाल अदवान अस्पताल
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दुनिया
"अच्छा हो, इज़रायली हम सभी को मार ही डालें…" : इज़रायली फ़ौज लौटी, लेकिन ग़ाज़ा का अस्पताल बना मलबे का ढेर
यह आवाज़ थी 50-वर्षीय महमूद असफ़ के रोने की, जो जबालिया से एक रेहड़ी लेकर आया था, ताकि अपने एक…
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