दुनिया

दुनिया का वह सबसे बड़ा दर्द… जानिए क्यों रो पड़े शांति का नोबेल पाने वाले लोग

तोशियुकी मिमाकी

‘परमाणु बम के खतरों के बारे में बताने वाले बहुत कम’

मिमाकी ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि परमाणु बम हमलों में बचे लोगों की दूसरी पीढ़ी और आम लोग शांति के लिए काम करेगी.’  हिरोशिमा के मेयर कजुमी मात्सुई (Kazumi Matsui) परमाणु हथियारों की तुलना दैत्य से करते हैं. उन्होंने भरे दिल से कहा, ‘हिबाकुशा तेजी से बूढ़े हो रहे हैं. अब ऐसे बहुत कम लोग ही बचे हैं जिन्होंने परमाणु बम के जख्मों का दर्द झेला है और जो परमाणु बम के खतरों के बारे में दुनिया को बता सकें.’
 



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