The HindkeshariOPINION POLL: राजस्थान की 55% जनता ने केंद्र के काम पर लगाई मुहर, बोले- मोदी सरकार से संतुष्ट

45 फीसदी जनता का मानना था कि मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को बहुत अच्छे तरीके से इसे रोका है.
खास बातें
- सूबे की 30 सीटों पर 24 से 30 अक्टूबर के बीच किया सर्वे
- 8 % आबादी केंद्र के काम से कुछ हद तक असंतुष्ट
- 13 % जनता ने कहा-PM को देखकर करेंगे मतदान
नई दिल्ली/जयपुर:
राजस्थान में 25 नवंबर को विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election) होने जा रहे हैं. नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे. राज्य में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी(BJP)और कांग्रेस (Congress) के बीच है. दोनों ही पार्टी इस बार चुनावी रण जीतने का दावा कर रही हैं. अब जनाधार किसे मिलेगा, यह तो जनता ही तय करेगी. राज्य में जनता का क्या मूड है ये जानने के लिए The Hindkeshariने सीएसडीएस(CSDS)-लोकनीति(LOKNITI) के साथ मिलकर एक ओपिनियन पोल ( The HindkeshariOpinion Poll) किया है. इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, राज्य की 55 फीसदी जनता केंद्र सरकार के काम से पूरी तरह संतुष्ट है.
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NDTV-CSDS-लोकनीति के इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, राजस्थान की कुल 24 फ़ीसदी जनता का मानना है कि वो सरकार के काम से कुछ हद तक संतुष्ट हैं. 8 फीसदी आबादी केंद्र सरकार के काम से कुछ हद तक असंतुष्ट है, जबकि 7 फीसदी जनता केंद्र के काम से पूरी तरह से असंतुष्ट है.

चुनाव में किसे देखकर करेंगे वोट?
इस सर्वे में राजस्थान की जनता से ये भी पूछा गया कि आखिर वो इस चुनाव में क्या देखकर वोट करेंगे? इसके जवाब में 37 फीसदी जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी के नाम को चुना है. जबकि, 32 फीसदी अशोक गहलोत के नाम पर 32 फीसदी जनता ने अपनी मुहर लगाई है.

वोटिंग करते वक्त नेता देखेंगे या पार्टी?
सर्वे में शामिल लोगों से पूछा गया कि वो क्या देखकर वोट करेंगे? इसके जवाब में 31 फीसदी जनता का मानना है कि वो पार्टी देखकर ही वोट करेंगे. 30 फीसदी जनता का मानना है कि वो मतदान से पहले उम्मीदवार को देखकर ही तय करेंगे कि किसे वोट करना है. जबकि 13 फीसदी जनता का कहना है कि वो सीएम का चेहरा देखकर ही अपना मत किसे दें ये तय करेंगे. 13 फीसदी जनता ने कहा है कि वो पीएम मोदी को देखकर मतदान करेंगे. जबकि 3 फीसदी जनता राहुल गांधी को देखकर वोट करने को तैयार है.

भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार का रवैया कैसा?
राज्य सरकार का भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कैसा रवैया रहा? इसपर भी जनता से उनकी राय जानने की कोशिश की गई. सर्वे में शामिल 39 फीसदी लोगों ने इसके लिए राज्य सरकार को सराहा है. जबकि 35 फीसदी का मानना है कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अच्छा काम किया है.15 फीसदी सरकार सरकार के काम से सहमत नहीं है. वहीं, 5 फीसदी जनता का मानना है कि सरकार ने इसे रोकने के लिए बहुत खराब काम किया है.

मोदी सरकार भ्रष्टाचार रोकने में कितनी सफल?
सर्वे में जब जनता से पूछा गया कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार रोकने में कितनी सफल रही है? 45 फीसदी जनता का मानना था कि केंद्र सरकार ने बहुत अच्छे तरीके से इसे रोका है. जबकि 34 फीसदी जनता मान रही है कि सरकार ने भ्रष्टाचार के रोकथाम के लिए अच्छा काम किया है. वहीं 9 फीसदी ऐसे भी लोग हैं जो मानते हैं कि भ्रष्टाचार रोकने में उतना सराहनीय काम नहीं किया है. जबकि 5 फीसदी जनता का कहना है कि केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ खास नहीं किया है.
बता दें कि NDTV-CSDS लोकनीति सर्वे सूबे की 30 सीटों पर 24 से 30 अक्टूबर के बीच किया गया. इसका सैम्पल साइज़ 3,032 था.
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