जनसंपर्क छत्तीसगढ़

जनजातीय संग्रहालय भावी युवा पीढ़ी में गौरवशाली आदिवासी संस्कृति के प्रति आत्म गौरव का भाव करेगा जागृत – केन्द्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उईके

जनजातीय संग्रहालय छत्तीसगढ़ की संास्कृतिक विरासत को विश्वपटल पर स्थापित करेगा

केन्द्रीय जनजातीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके द्वारा अपने दो दिन के छत्तीसगढ़ प्रवास के अंतिम चरण में आज आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, नवा रायपुर परिसर में स्थित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ जनजातीय संग्रहालय का निरीक्षण किया गया।

जनजातीय केन्द्रीय मंत्री श्री उईके संग्रहालय की सभी 14 गैलरियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ आदिम जाति विकास मंत्री मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं टीआरटीआई के संचालक श्री जगदीश कुमार सोनकर उपस्थित थे। संग्रहालय में जनजातियों के परंपरागत वाद्ययंत्रों, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, उनमें कृषि की परंपरागत तकनीकें एवं उपकरणों का जीवंत प्रदर्शन, उनमें आग जलाने की पद्धतियां, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधांे से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणांे व परंपरागत तकनीकों, सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में गोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला, जनजातियों में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि के जीवंत प्रदर्शन को उनके द्वारा बहुत सराहा गया एवं साथ ही संग्रहालय का भ्रमण करने आए आगंतुको से पुछने पर उनके द्वारा भी संग्रहालय की बहुत सराहना की गई।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इसी वर्ष 14 मई को लगभग 9 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार जनजातीय संग्रहालय का लोकार्पण किया गया था। इसके बाद इसे आमजन के लिए खोल दिया गया है। संग्रहालय को देखने प्रतिदिन सैकड़ों की संख्यां में आगंतुक तथा शोधार्थी एवं बुद्धिजीवी पहुंच रहे हैं। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा संग्रहालय में प्रयुक्त डिजीटल एवं एआई तकनीक के संबंध में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके को अवगत कराया गया।

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केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री उईके द्वारा टीआरटीआई परिसर में ही निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने संग्रहालय के डिजीटली प्रेजेंटेशन को देखकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह संग्रहालय भी 30 सिंतंबर तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। उनके द्वारा विभागीय मंत्री, प्रमुख सचिव, संचालक टीआरटीआई एवं संग्रहालय के निर्माण कार्य में लगी पूरी टीम को उच्च कोटि के कार्यों के लिए ब

धाई दी।

 

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