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चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली टॉप 10 कंपनियों का ये है कारोबार, एक का लॉटरी बिजनेस से है नाता

फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड  

ये कंपनी सेंटियागो मार्टिन ने 1991 में बनाई थी. मार्टिन को इंडिया का लॉटरी किंग कहा जाता है. इस कंपनी ने 1386 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड में चंदे के रूप में दिया है और ये सबसे ज्यादा है. मार्टिन की लॉटरी की दुनिया में शुरुआत 13 साल की उम्र से हुई. मार्केटिंग के दम पर उसने पूरे देश में लॉटरी खरीद-बिक्री का मजबूत नेटवर्क बनाया. मार्टिन के लॉटरी कारोबार की शुरुआत तमिलनाडु से हुई, लेकिन तमिलनाडु में लॉटरी बैन हो जाने के बाद उसने अपना बिजनेस केरल और कर्नाटक में फैलाया. फ्यूचर गेमिंग फिलहाल भारत के 13 राज्यों में अपना कारोबार करती है. कंपनी में एक हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. 

मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ़्रास्ट्रक्चर लिमिटेड

966 करोड़ रुपये का चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली मेघा इंजीनियरिंग तेलंगाना हैदराबाद बेस्ड की दिग्गज कंपनी है. इसकी शुरुआत पमीरेड्डी पिची रेड्डी ने 1989 में की, 1991 से पीवी कृष्णा रेड्डी कंपनी चला रहे हैं. कंपनी ने तेलंगाना सिंचाई के क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया है. इस कंपनी को हिमाचल में जोजिला टनल बनाने का भी ठेका मिला था. मेघा इंजीनियरिंग की सब्सिडियरी कंपनी है. ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक को करीब 3000 बसों का ठेका मिला था. बीते साल कंपनी को रक्षा मंत्रालय से 5000 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी मिला था.

क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड

महाराष्ट्र स्थित कंपनी क्विक सप्लाई चेन ने 410 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे. कंपनी के तीन डायरेक्टर्स में से एक हैं- तपस मिश्रा. तपस रिलायंस ऑयल एंड पेट्रोलियम, रिलायंस इरॉस प्रोडक्शन, रिलायंस फोटो फिल्म, रिलायंस फायर ब्रिगेड, रिलायंस पॉलिस्टर में भी डायरेक्टर हैं. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक तपस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलयास इंडस्ट्रीज में अकाउंट सेक्शन के प्रमुख हैं. 

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हल्दिया एनर्जी लिमिटेड

हल्दिया एनर्जी संजीव गोयनका ग्रुप का हिस्सा है. कंपनी ने 377 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. कंपनी पावर, एनर्जी, आई सर्विस,एफएमसीजी, मीडिया सेक्टर में कारोबार करती है. संजीव गोयनका आईपीएल टीम लखनऊ सुपर जायंट्स के भी मालिक हैं. 

वेदांता लिमिटेड

वेदांता दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी है. ये कंपनी माइनिंग के क्षेत्र में काम करती है. कंपनी अपने कर्ज और पर्यावरण संबंधी मुद्दों को लेकर विवादों में रही है. कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है. कंपनी ने करीब 376 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. 

एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

एस्सेल माइनिंग आदित्य बिरला ग्रुप की कंपनी है. कंपनी ने करीब 225 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्‍ड खरीदे हैं. कंपनी आयरन ओर खनन के कारोबार में है.

वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी

वेस्टर्न यूपी पावर कंपनी पिछले 15 सालों से इलेक्ट्रिसिटी, गैस, पानी के कारोबार में है. इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी मेघा ग्रुप का इस कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है. कंपनी ने करीब 220 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं.

भारती एयरटेल लिमिटेड

भारती एयरटेल टेलीकॉम सेक्टर में काम करने वाली दिग्गज कंपनी है. कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में है और कंपनी ने करीब 198 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. कंपनी ने अपना कारोबार 1995 में भारत में शुरू किया, कंपनी के मालिक सुनील मित्तल हैं. कंपनी अब करीब 18 देशों में कारोबार करती है.

केवेंटर फ़ूड पार्क इंफ़्रा लिमिटेड

कोलकाता की कंपनी केवेंटर फूड पार्क इंफ्रा कंपनी फूड प्रोसेसिंग के धंधे में है. कंपनी एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट भी करती है. कंपनी ने करीब 195 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड की खरीददारी की है. 

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एमकेजे एंटरप्राइजेज लिमिटेड

192 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड की खरीददारी करने वाली कोलकाता की कंपनी एमकेजे एंटरप्राइजेज कंपनी स्टील के कारोबार में है. कंपनी के चेयरमैन और एमडी महेंद्र कुमार जालान हैं. ये कई दूसरी कंपनियों में भी डायरेक्टर हैं.

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