"जो आस्था रखते हैं वो कभी भी जा सकते हैं" : राम मंदिर का न्योता ठुकराने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे

उनका कहना था, ‘‘जो आस्था रखने वाले लोग हैं, वो आज, कल या परसो, जब चाहें (अयोध्या) जा सकते हैं. मैंने यह बात पहले ही स्पष्ट की थी…यह भाजपा की एक साजिश है और वह इस विषय को लेकर बार-बार वार रही है.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने किसी धर्म या धर्मगुरु को कभी दुख नहीं पहुंचाया है.
खरगे ने कहा, ‘‘हमारे मुद्दे केवल ये हैं कि मोदी सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए क्या काम किया, महंगाई के बारे में क्या कदम उठाए ? सीमा पर चीनी घुसपैठ पर क्या बोले?”
उन्होंने दावा किया, ‘‘हमें दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग और समाज के ग़रीब तबके की चिंता है, जो भाजपा को नहीं है.”
कांग्रेस नेताओं ने निमंत्रण किया था अस्वीकार
भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए कांग्रेस के तीन शीर्ष नेताओं को भेजे गए निमंत्रण को अस्वीकार करने के विपक्षी पार्टी के फैसले की बृहस्पतिवार को आलोचना की थी और दावा किया था कि इससे भारत की संस्कृति और हिंदू धर्म के प्रति पार्टी का स्वाभाविक विरोध उजागर हो गया है.
खरगे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के निमंत्रण को यह कहते हुए ‘ससम्मान अस्वीकार’ कर दिया कि यह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का आयोजन है तथा ‘अर्द्धनिर्मित मंदिर’ का उद्घाटन चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है.
पीएम मोदी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ में रहेंगे मौजूद
उच्चतम न्यायालय ने 2019 में एक ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था और हिंदुओं द्वारा पवित्र माने जाने वाले शहर में एक मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ का वैकल्पिक भूखंड मुहैया कराने का आदेश दिया था.
इसके परिणामस्वरूप, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का काम शुरू हुआ. आगामी 22 जनवरी को ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद रहेंगे.
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