क्या सिर्फ कोई मैसेज देने के लिए किया गया CRPF स्कूल के पास बम धमाका? एजेंसियां जांच में जुटीं

विभिन्न कैमिकल मिलाकर बनाया गया था बम
जांच एजेंसियों को मौके से सफेद पाउडर मिला है. शक है कि यह देसी बम है जिसे क्रूड बम कहा जाता है. अमोनियम फॉस्फेट और कुछ कैमिकल्स मिलाकर यह बम बनाया गया होगा. एफएसएल, सीआरपीएफ और एनएसजी ने जो ब्लास्ट के बाद मौके से नमूने जुटाए हैं. जांच के बाद कैमिकल का सटीकता से पता लग पाएगा. वहां कुछ वायर मिले हैं पर वे पहले से स्पॉट पर थे या नहीं, यह जांच की जा रही है.
इस मामले में केंद्रीय ग्रह मंत्रालय को जांच एजेंसी रिपोर्ट सौपेंगी. साजिश की आशंका और आतंकवाद के एंगल से भी जांच चल रही है.

स्कूल में पढ़ते हैं सुरक्षा बलों के अफसरों के बच्चे
सूत्र ने बताया कि, सीआरपीएफ स्कूल में पांच केटेगरी में छात्र-छात्राओं को सिलेक्ट किया जाता है. स्कूल में सीआरपीएफ ऑफिसर्स के बच्चो कों, सीआरपीएफ के रिटायर्ड और हैंडीकैप अफसरों के बच्चों को, दूसरी पैरामिलिट्री फोर्सेस (आईटीबीपी, बीएसएफ आदि) के जवानों के बच्चों को, डिफेंस फोर्सेस में तैनात अफसरों के बच्चों को और अगर सीट बचती है तो नॉन सर्विस वाले लोगों के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है. सीआरपीएफ स्कूल आईजी सीआरपीएफ एडमिन के सुपरवीजन में चलता है.
यह भी पढ़ें-
दिल्ली के रोहिणी में धमाका, सफेद पाउडर ने उड़ाई सुरक्षा एजेंसियों की नींद, पुलिस ने FIR की दर्ज
‘गृह मंत्रालय को दिल्ली की सुरक्षा की चिंता नहीं’ : बम धमाके को लेकर सिसोदिया का केंद्र सरकार पर निशाना