देश

कैबिनेट में कौन कौनः 'CCS' वाले 4 सबसे पावरफुल मंत्रालयों पर क्या करेंगे मोदी?

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी महादलित संगठन हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के एकमात्र प्रतिनिधि हैं. वे भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि श्रीकाकुलम से तीन बार के सांसद राम मोहन नायडू टीडीपी के कोटे से कैबिनेट पद के लिए संभावित हो सकते हैं. पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवंगत येरन नायडू के बेटे और टीडीपी की एपी इकाई के प्रमुख किंजरापु अत्चन्नायडू के भतीजे नायडू, हालांकि केवल 34 वर्ष के हैं, उन्हें एक उभरते ओबीसी चेहरे के रूप में देखा जाता है. 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाले कम्मा समुदाय के डॉक्टर चंद्रशेखर पेम्मासानी, जो गुंटूर से चुने गए हैं, मंत्री पद के लिए पार्टी की पसंद हो सकते हैं. इस क्रम में जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ‘लल्लन’ और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के विश्वासपात्र संजय झा को कैबिनेट पद के लिए पसंदीदा माना जा रहा है.

Latest and Breaking News on NDTV

लिस्ट फाइनल, नीतीश-नायडू के लिए यह फॉर्म्युला

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी के साथ चार दर्जन मंत्री शपथ ले सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की तरफ से सहयोगियों से कह दिया गया है कि वह अभी दबाव न बनाएं. मंत्रिमंडल विस्तार के दूसरे चरण में उनकी मांगों का ख्याल रखा जाएगा. इस पर सहमति बनने के बाद किस दल को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी, यह फाइनल हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी और नीतीश की पार्टी जेडीयू के कोटे से एक-एक कैबिनेट मंत्री और एक एक राज्य मंत्री बनाया जाएगा.  जेडीयू के कोटे से कौन कौन मंत्री बनेगा, बड़ा सस्पेंस यह भी है. इसमें राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. चर्चा संजय झा और वाल्मिकी नगर से सांसद सुनील कुमार की भी है. लेकिन इनका नाम पहली लिस्ट में हो होगा या फिर दूसरी, यह सस्पेंस है. संजय झा को जेडीयू की एनडीए में वापसी कराने का इनाम मिल सकता है. वह नीतीश के भी खास माने जाते हैं.

यह भी पढ़ें :-  The Hindkeshariइलेक्शन कार्निवल : कुछ हेल्दी है खाना, तो लखनऊ की इस दलिया, पोहा की दुकान पर जरूर आना

Latest and Breaking News on NDTV

मोदी कैबिनेट में यूपी के झटके 

उत्तर प्रदेश में बीजेपी को मिले झटके की झलक भी मोदी मंत्रिमंडल में दिखाई दे सकती है. विपक्षी दल जिस तरह से बहुमत मिलने पर संविधान और आरक्षण खत्म करने की बीजेपी की छवि गढ़ने में सफल रहे थे, उसे नई ‘टीम मोदी’ के जरिए जवाब दिया जा सकता है. बीजेपी इस चीज को लेकर बहुत गंभीर और यूपी ये दलित चेहरे की एंट्री मोदी कैबिनेट में हो सकती है.

ये भी पढ़ें :- नरेंद्र मोदी की तीसरी जीत, भारत ही नहीं दुनिया में भी असाधारण


Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button