

नई दिल्ली:
उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है. ऐसे में अक्सर उत्तर प्रदेश को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की मांग उठती रहती है. हालांकि इस बार यह मांग संसद के अंदर उठी है. आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने शुक्रवार को लोकसभा में बहस के दौरान उत्तरप्रदेश को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव रखा है, जिससे हर इलाके का सही तरीके से विकास हो सके. हालांकि भाजपा और समाजवादी पार्टी को उनकी यह मांग पसंद नहीं आई है.
चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश के बंटवारे को लेकर कहा कि यह प्रदेश का बंटवारा नहीं बल्कि इससे विकास के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है, इसे एक राष्ट्र कह सकते हैं. 25 करोड़ से ज्यादा की आबादी है. मेरा यह प्रयास है कि उत्तर प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे. बाबासाहेब भी यही कहते थे कि राज्य जितना छोटा होगा, उसका उतना ही उसका विकास होगा, उतना ही लोगों को रोजगार मिलेगा.
हर जगह नहीं पहुंच रहा विकास का लाभ : चंद्रशेखर
चंद्रशेखर ने The Hindkeshariको बताया कि आज भी हमारे लोगों को हाई कोर्ट के लिए करीब 500 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. आज विकास का लाभ हर जगह नहीं पहुंच पा रहा है. अधिकारी भी हर जगह नहीं जा पाते हैं.
चंद्रशेखर की मांग का भाजपा और सपा ने किया विरोध
हालांकि चंद्रशेखर की इस मांग का बीजेपी और समाजवादी पार्टी विरोध कर रही है, लेकिन चंद्रशेखर का कहना है कि मैं जनता के लिए काम करता हूं. दूसरी पार्टियां क्या कहती हैं और क्या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
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