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महमूद अहमदीनेजाद क्या फिर बनेंगे ईरान के राष्ट्रपति? खामेनेई से हो गया था विवाद, जानें क्यों

गार्डियन काउंसिल ने उन्हें 2017 के चुनाव में भी खड़े होने से रोक दिया था. इससे एक साल पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने महमूद अहमदीनेजाद को चेतावनी दी थी कि चुनाव लड़ना न तो उनके खुद के हित में हैं और न ही देश के हित में. अहमदीनेजाद ने अपने शासनकाल में ईरान के हर फैसले में अंतिम अधिकार वाली खामेनेई की ताकत पर नियंत्रण की वकालत की थी. इसके बाद दोनों के बीच दरार पैदा हो गई थी और इसी कारण खामेनेई ने अहमदीनेजाद को 2017 का चुनाव लड़ने से रोक दिया. 2018 में खामेनेई पर ईरान में सबसे बड़ी और दुर्लभ आलोचना करते हुए अहमदीनेजाद ने उनसे स्वतंत्र चुनाव का आह्वान करते हुए पत्र लिखा था.

खामेनेई ने 2009 में अहमदीनेजाद के दोबारा चुनाव जीतने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू होने पर उनका समर्थन किया था. इन विरोध प्रदर्शनों में दर्जनों लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले की ईरान में सत्तारूढ़ धार्मिक ताकतों को इन विरोध प्रदर्शनों से खतरा पैदा होता, एलीट रिवोल्यूशनरी गार्डस कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने अशांति पर काबू पा लिया था.



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