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पाकिस्तान में महिला नेता निशाने पर, 'डीपफेक' अश्लील वीडियो से हो रहा हमला


नई दिल्ली:

पाकिस्तान में कुछ शरारती तत्त्वों द्वारा देश की महिला नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है. डीपफेक वीडियो के जरिए महिला नेताओं के अश्लील वीडियो शेयर किए जा रहे हैं ताकि महिला नेताओं को बदनाम किया जा सके. ऐसा ही काम से पाकिस्तानी राजनेता आजमा बुखारी खुद की एक नकली छवि बनाए जानें से परेशान हैं. देश की कुछ महिला नेताओं में से एक आजमा बुखारी के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है. उनका आरोप है कि उन्हें बदनाम करने के लिए एक अश्लील डीपफेक वीडियो जारी किया गया है. 

डीपफेक वीडियो देख टूट गईं पंजाब की मंत्री

पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब की सूचना मंत्री 48 वर्षीय बुखारी का कहना है कि जब यह बात मेरी जानकारी में आई तो मैं टूट गई थी.

डीपफेक वीडियो का चलन बढ़ा

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई या कहें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस अब धीरे-धीरे समाज की मुख्यधारा में आने लगा है. डीपफेक के जरिए जो लोगों के वास्तविक ऑडियो, फोटो या वीडियो को गलत रूप में तैयार किया जा रहा है. यह वीडियो आरंभ में विश्वसनीय लगते हैं और इससे लोगों को भ्रमित किया जा सकता है. 

महिलाओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के लिए हथियार बना डीफफेक

पाकिस्तान में जहां इस प्रकार के डीपफेक मीडिया साक्षरता काफी कम है या आसान भाषा में कहें कि जहां ऐसी तकनीक के बारे में आम लोगों के बीच जानकारी का अभाव है, वहां सार्वजनिक क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के लिए हथियार बनाया जा रहा है. यह रूढ़िवादी रीति-रिवाजों मानने वाले देश में उनकी प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा रहा है. समझा जा सकता है कि इस प्रकार के वीडियो के जरिए महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा का काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है. 

कई दिनों तक चुप रही बुखारी

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बुखारी जो अकसर टीवी पर दिखाई देती रही हैं का कहना है कि उनको याद है कि कैसे सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक क्लिप में एक भारतीय अभिनेता के शरीर पर अपना चेहरा लगाए जाने का वीडियो देखने के बाद वह कई दिनों तक चुप रहीं.

उन्होंने पूर्वी शहर लाहौर में अपने घर में एएफपी को बताया, ‘यह बहुत मुश्किल था, मैं उदास थी.  मेरी बेटी, उसने मुझे गले लगाया और कहा, मां, आपको इससे लड़ना होगा.’

शुरुआत में पीछे हटने के बाद बुखारी ने लाहौर के हाई कोर्ट में अपना केस दायर किया और डीपफेक फैलाने वालों को सजा दिलाने का प्रयास किया. उनका कहना है कि जब मैं अदालत जाती हूं तो मुझे लोगों को बार-बार याद दिलाना पड़ता है कि मेरे पास एक फर्जी वीडियो है.”

पाकिस्तान में 4जी के आने पर इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ा

गौरतलब है कि 240 मिलियन लोगों के देश पाकिस्तान में  हाल ही में सस्ते 4जी मोबाइल इंटरनेट के कारण इंटरनेट का उपयोग आश्चर्यजनक रूप से बढ़ा है. मॉनिटरिंग साइट डेटारिपोर्टल के अनुसार, इस जनवरी में लगभग 110 मिलियन पाकिस्तानी ऑनलाइन थे, जो 2023 की शुरुआत की तुलना में 24 मिलियन अधिक है.

इमरान के प्रचार में भी प्रयोग में लाई गई तकनीक

बता दें कि इस साल के चुनाव में डीपफेक डिजिटल बहस के केंद्र में था. जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया गया था, तब उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर उनकी आवाज़ में भाषण तैयार किया था जो एआई टूल के इस्तेमाल से किया गया था. इससे वे सलाखों के पीछे से चुनाव प्रचार करने में सक्षम हो पाए थे. 

महिलाओं को अपमानित करने के लिए प्रयोग में लाई जा रही तकनीक

राजनीति में पुरुषों की आमतौर पर भ्रष्टाचार, उनकी विचारधारा और स्थिति को लेकर आलोचना की जाती है. लेकिन, डीपफेक का एक स्याह पक्ष भी है जो महिलाओं को अपमानित करने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रहा है. 
अमेरिका स्थित एआई विशेषज्ञ हेनरी एजडर का कहना है कि महिलाओं पर जब आरोप लगाया जाता है, तो यह लगभग हमेशा उनके यौन जीवन, उनके निजी जीवन के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें क्या वे अच्छी मां हैं या कहें क्या वे अच्छी पत्नियां हैं.”
 

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राजनीति में महिलाओं की स्थिति सम्मान से जुड़ी होती है

उन्होंने एएफपी से कहा कि ऐसे काम के लिए डीपफेक एक बहुत ही हानिकारक हथियार है. पितृसत्तात्मक पाकिस्तान में जोखिम काफी ज्यादा है. राजनीति में महिलाओं की स्थिति आम तौर पर उनके “सम्मान” से जुड़ी होती है. ऐसे ही बदनाम करने के कथित आरोपों में हर साल सैकड़ों महिलाओं की हत्या अकसर उनके अपने परिजनों द्वारा कर दी जाती है. बुखारी ने उन पर निशाना साधने वाले वीडियो को “अश्लील” बताया है.

लेकिन ऐसे देश में जहां विवाह पूर्व यौन संबंध और सहवास दंडनीय अपराध हैं, वहां डीपफेक के जरिए गले लगाने या पुरुषों के साथ अनुचित सामाजिक मेलजोल को दिखाते वीडियो के साथ अफवाहें फैलाकर किसी की भी प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई जा सकती है.

विधायक मीना मजीद का भी डीपफेक वीडियो आया था

एएफपी ने अक्टूबर में क्षेत्रीय विधायक मीना मजीद के एक डीपफेक वीडियो की सच्चाई सबको बताई. इस वीडियो में वह बलूचिस्तान प्रांत के पुरुष मुख्यमंत्री को गले लगा रही थीं. एक सोशल मीडिया कैप्शन में कहा गया : “बेशर्मी की कोई सीमा नहीं है. यह बलूच संस्कृति का अपमान है.”

बुखारी का कहना है कि उनके पति और बेटे के साथ की तस्वीरों में भी हेरफेर किया गया है ताकि यह दर्शाया जा सके कि वह अपनी शादी से इतर बॉयफ्रेंड के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई दी थीं.

2016 में बुखारी की पार्टी द्वारा “ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए” एक कानून पारित किया गया था. इसमें “किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तरीके से” सहमति के बिना फोटो या वीडियो साझा करने के खिलाफ “साइबरस्टॉकिंग” प्रावधान थे.

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साइबर इकाई को मजबूत बनाने की जरूरत

बुखारी का मानना ​​है कि इसे मजबूत करने और जांचकर्ताओं के सहानुभूति भरे रवैये की जरूरत है. उन्होंने कहा, “हमारी साइबर अपराध इकाई में क्षमता निर्माण बहुत बहुत महत्वपूर्ण है.”

अधिकारियों ने पहले यूट्यूब और टिकटॉक को ब्लॉक कर दिया था.  साथ ही एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फरवरी से प्रतिबंध लगाया गया जब फरवरी के चुनावों के बाद साइट पर वोट से छेड़छाड़ के आरोप फैल गए थे.

पाकिस्तान स्थित डिजिटल अधिकार कार्यकर्ता निघत डाड ने कहा कि साइटों को ब्लॉक करना केवल “सरकार के लिए एक त्वरित समाधान” है. उन्होंने एएफपी को बताया, “यह अन्य मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, जो आपकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना तक पहुंच से जुड़े हैं.”
 


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