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2024 का चुनाव 'असफल कांग्रेस मॉडल' और 'सफल BJP मॉडल' के बीच : पीएम मोदी के इंटरव्यू की अहम बातें

पीएम मोदी ने एक बार फिर से लोकसभा चुनाव में अपनी जीत का भरोसा जताया. उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि 2047 और 2024 दोनों को मिक्सअप नहीं करना चाहिए. दोनों अलग-अलग चीजें हैं. देश जब आजादी के 75 साल मना रहा था, उसी समय मैंने यह विषय लोगों के सामने रखना शुरू किया था. मैं कहता था कि 2047 में देश की आजादी के 100 साल होंगे. ये माइलस्टोन होगा. ये ऐसी चीजें हैं, जो व्यक्ति में नए संकल्प भरती हैं. मेरा मानना है कि ये एक मौका है. 75 साल पर हम खड़े हैं और 100 साल पर पहुंचने वाले हैं. इस 25 साल का हम सर्वाधिक उपयोग कैसे करें. हर इंस्टीट्यूशन अपना लक्ष्य बनाए कि मैं इतना करूंगा.”

पीएम मोदी ने कहा, “2024 में चुनाव का जो क्रम है, वो आया हुआ क्रम है. मैं मानता हूं कि चुनाव एक ऑल टूगेदर डिफरेंट थिंग है. लोकतंत्र में चुनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए. यह एक बहुत बड़ा महापर्व है. मेरा मानना है कि इसे उत्सव के रूप में मनाना चाहिए. जैसे स्पोर्ट्स के इवेंट्स होते हैं, वो स्पोर्ट्समैन स्पिरिट को पैदा करते हैं. जब खेल का मैदान होता है, तब खेलने वाले, देखने वाले, स्पोर्ट्समैन स्पिरिट का एनवायर्नमेंट क्रिएट होता है.”

असफल कांग्रेस मॉडल और बीजेपी मॉडल के बीच का चुनाव

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लोकसभा चुनाव पर भी बात की. उन्होंने कहा कि वर्तमान लोकसभा चुनाव में मतदाता के सामने विकल्प असफल कांग्रेस मॉडल और बीजेपी मॉडल के बीच है. मोदी ने कहा, “अगर हम 2024 के चुनावों को देखें, तो देश के सामने एक अवसर है. चुनाव कांग्रेस सरकार और BJP सरकार के मॉडल का है. कांग्रेस ने 5-6 दशकों तक काम किया है. मैंने सिर्फ 10 साल ही काम किए हैं. इनकी तुलना करें… चाहे किसी भी क्षेत्र में कुछ कमियां हों, हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं होगी.”

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मेरे फैसले किसी को डराने या चकमा देने के लिए नहीं

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैं कहता हूं कि मेरे पास बड़ी योजनाएं हैं, तो किसी को डरना नहीं चाहिए. मैं किसी को डराने या चकमा देने के लिए फैसले नहीं लेता. मैं देश के पूरे विकास के लिए फैसले लेता हूं.” मोदी ने कहा, “सरकारें हमेशा कहती हैं कि हमने सब कुछ किया है. लेकिन मुझे विश्वास नहीं है कि मैंने सब कुछ किया है. मैंने सब कुछ सही दिशा में करने की कोशिश की है. फिर भी मुझे बहुत कुछ करने की जरूरत है. अभी बहुत काम बाकी है. क्योंकि मैं देख रहा हूं कि मेरे देश की कितनी जरूरतें हैं. हर परिवार की अपनी जरूरतें हैं. इसीलिए मैं कहता हूं कि विकास का ये एक ट्रेलर है… अभी पूरी फिल्म बाकी है.”

2024 के चुनाव में जनता के सामने लेकर आए अपना रिकॉर्ड

पीएम ने आगे कहा, “मैं देश को मजबूत बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा हूं. जब देश मजबूत होता है तो हर किसी को इसका लाभ अनुभव होता है. हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं, हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं. इन चीजों का प्रभाव पड़ता है. इसलिए 2024 के चुनाव में हम अपना ट्रैक रिकॉर्ड लेकर आए हैं.” पीएम ने आगे दोहराया कि 2019 में भी उनकी सरकार ने अपने पहले 100 दिनों में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की थीं. तीसरे टर्म में भी 100 दिनों का लक्ष्य पूरी सफलता के साथ हासिल किया जाएगा.

पीएम ने बताया कैसे सक्सेसफुल होगा 2047 का विजन

पीएम मोदी ने इस दौरान विजन 2047 का विजन भी बताया. उन्होंने कहा, “मेरे मन में बहुत बड़े-बड़े प्लान होते हैं. उसके लिए बड़े-बड़े फैसले हैं. ज्यादातर सरकारों का मिजाज होता है कि हमने तो सब कुछ कर लिया. मैं नहीं मानता कि उन्होंने सबकुछ कर लिया. मैंने ज्यादा से ज्यादा करने और सही दिशा में जाने का प्रयास किया है. फिर भी बहुत कुछ है, जो मुझे करना है. मोदी का विजन मेरे बपौती नहीं है, इसमें 15-20 लाख लोगों के विचारों को समाहित किया गया है.”

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इलेक्टोरल बॉन्ड्स स्कीम को लेकर विपक्ष ने फैलाया झूठ

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर चुनावी बॉन्ड यानी इलेक्टोरल बॉन्ड्स स्कीम को लेकर ‘झूठ फैलाने’ का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, “इलेक्टोरल बॉन्ड के कारण आपको मनी ट्रेल का पता चल रहा है. किस कंपनी ने पैसा दिया? उन्होंने पैसे किसे दिया? पैसा कहां दिया? इन सवालों के जवाब मिल पा रहे हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि जब विपक्षी दल ईमानदारी से सोचेंगे, तो हर किसी को पछतावा होगा. जो लोग डेटा पब्लिक होने को लेकर हल्ला मचा रहे हैं, उन्हें बाद में अफसोस होगा. उन्होंने देश को काले धन की तरफ धकेला है.”

मोदी ने कहा, “यह इलेक्टोरल बॉन्ड्स की सफलता की कहानी है. इस प्रक्रिया में जो हुआ वह अच्छा था या बुरा, यह बहस का मुद्दा हो सकता है…मैं कभी नहीं कहता कि निर्णय लेने में कोई कमी नहीं है, हम चर्चा करके सीखते हैं और सुधार करते हैं, लेकिन आज हमने देश को पूरी तरह से काले धन की ओर धकेल दिया है. जब वे ईमानदारी से सोचेंगे तो सभी को पछतावा होगा.” 

राम मंदिर राजनीतिक मुद्दा था, विपक्ष के हाथ से निकल गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का निमंत्रण ठुकरा देने को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस पर सवाल उठाया. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राम मंदिर मुद्दे को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया है. PM नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब हमारा जन्म भी नहीं हुआ था, जब हमारी पार्टी का जन्म भी नहीं हुआ था… उसी समय यह मामला कोर्ट में निपटाया जा सकता था… समस्या का समाधान हो सकता था… जब भारत का बंटवारा हुआ था, उसी वक्त, विभाजन के समय, वे ऐसा करने का निर्णय ले सकते थे… ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि यह उनके हाथ में एक हथियार की तरह था, वोटबैंक की राजनीति के हथियार की तरह…”

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उन्होंने कहा, “यहां तक कि जब मामला कोर्ट में चल रहा था, तब भी उन्होंने अदालत के फैसले में देरी करने की कोशिश की… क्यों…? क्योंकि उनके लिए यह एक राजनीतिक हथियार था… वे कहते रहे कि राम मंदिर बनेगा, वे तुम्हें मार देंगे… यह वोटबैंक को खुश करने का तरीका था, अब क्या हुआ…? राम मंदिर बन गया, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और यह मुद्दा उनके हाथ से निकल गया…”

चुनाव में हर मतदाता जरूरी

पीएम मोदी ने कहा, “चुनाव में उम्मीदवार ही नहीं, हर मतदाता जरूरी होता है. बूथ लेवल का कार्यकर्ता भी जरूरी होता है. कैंडिडेट भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. ये कह देना कि किसी का कोई महत्व नहीं, ये गलत है. नहीं तो इतना बड़ा चुनाव ही नहीं होता. जहां तक गारंटी का सवाल है, शब्दों के प्रति जो कमिटमेंट होना चाहिए, वो तो चलती का गाड़ी, कुछ भी बोल दो जैसा हो गया है.” इस दौरान पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर उनके हालिया बयान को लेकर निशाना साधा. 

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पीएम मोदी ने कहा, “एक नेताजी के वीडियो इन दिनों में बाजार में घूम रहे हैं, उनका एक विचार, दूसरे से विरोधाभासी है. लोग देखकर कहते हैं कि ये आदमी हमें इतना मूर्ख बनाता था, आंख में धूल झोकता था. अभी एक नेता ने कहा कि मैं एक झटके में गरीबी हटा दूंगा. अब जिनको 5-6 दशक शासन करने को मिला, वे जब कहेंगे कि एक झटके में गरीबी हटा देंगे तो देश सोचता है कि क्या बोल रहे हैं. पॉलिटिकल लीडरशिप पर सवालिया निशान लग रहे हैं.”

सनातन विरोधियों के साथ क्यों खड़ी है कांग्रेस?

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सनातन विरोधियों का समर्थन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस की क्या मजबूरी है. सनातन के खिलाफ इतना जहर उगलने वाले लोगों के साथ तुम (कांग्रेस) क्यों बैठे हो. DMK का जन्म शायद इस नफरत में हुआ होगा. DMK के प्रति जितना जबर्दस्त गुस्सा पैदा हुआ है, उसकी मैं कल्पना नहीं कर सकता. वो गुस्सा बीजेपी की तरफ डायवर्ट हो रहा है, पॉजिटिव वे (सकारात्मक रूप) में.”

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‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करना मेरा कमिटमेंट

पीएम मोदी ने इंटरव्यू में एक देश एक चुनाव यानी वन नेशन वन इलेक्शन को देश के हित में बताया. पीएम ने कहा, “एक देश एक चुनाव हमारी प्रतिबद्धता है. एक राष्ट्र, एक चुनाव पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में जो समिति बनी थी. उस समिति की तरफ से काफी सकारात्मक सुझाव दिए गए हैं. हमने इस बारे में संसद में भी बात की है.”

पीएम ने कहा कि अगर हम इस रिपोर्ट को लागू कर पाते हैं, तो देश को बहुत फायदा होगा. पीएम ने कहा कि हमने इसके कार्यान्वयन के लिए समिति का गठन किया था. समिति की सिफारिशों के कार्यान्वयन की दिशा में हम काम करेंगे. 

टैक्स देने वालों का होना चाहिए सम्मान

पीएम ने यह भी कहा कि देश में करदाताओं का सम्मान होना चाहिए, कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है क्योंकि लोगों को सरकार पर भरोसा है. पीएम मोदी ने कहा कि “करदाताओं का सम्मान होना चाहिए. अगर वे हर करदाता का दुरुपयोग करते रहेंगे, तो देश कैसे चलेगा? मुझे समझ नहीं आता कि यह किस तरह की सोच है. पिछले 10 वर्षों में आईटीआर फाइल धारकों की संख्या में वृद्धि हुई है.

कांग्रेस तोड़ रही फर्स्ट टाइम वोटर्स की उम्मीदें

पीएम ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर भी तंज कसे हैं. पीएम ने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र फर्स्ट टाइम वोटर्स की आकांक्षाओं को तोड़ने वाला है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 में विकसित भारत के लिए उनका दृष्टिकोण आज के पहली बार के मतदाता के साथ जुड़ा हुआ है, जो विकास के इस पैमाने से सबसे बड़ा लाभार्थी होगा. 

गारंटी को लेकर विपक्षी दलों को दी नसीहत

जनता से किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रहने पर पीएम मोदी ने कांग्रेस के बड़ी नसीहत भी दी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को लोगों के सामने दिए गए बयानों की जिम्मेदारी लेने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “हमें याद रखना चाहिए कि हमारे देश में ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ की परंपरा है.”

मोदी ने कहा, “मैं जो कहता हूं वह मेरी जिम्मेदारी है. मैंने इसकी गारंटी भी दी है. मैं अनुच्छेद 370 का मामला लेता हूं. यह हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता रही है. मैंने साहस दिखाया और 370 को हटा दिया. आज जम्मू-कश्मीर का भाग्य बदल गया है.’

ED, CBI पर रखी अपनी राय

पीएम मोदी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों ED, CBI पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा ईडी-सीबीआई हो या चुनाव आयोग… हमने सुधार किए. ED ने जितने केस किए हैं, उनमें सिर्फ 3% राजनीतिक लोग शामिल हैं. 97% लोगों में ED ने ड्रग माफिया, करप्ट अफसर पर केस किया है. ED एक स्वतंत्र संस्था है। 2014 से पहले ED ने 5 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की थी. मेरे कालखंड में एक लाख करोड़ की संपत्ति अटैच हुई है. 2014 से पहले ED ने 34 लाख रुपए कैश जब्त किया था, इतना तो स्कूल बैग में आ सकता है. पिछले 10 साल में हमने 2200 करोड़ कैश जब्त किया है. इसको रखने में 70 ट्रक लगेंगे.”

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मोदी ने कहा, “कहावत है- नाच न जाने, आंगन टेढ़ा. कभी ये लोग EVM का बहाना निकालेंगे तो कभी कुछ और. हार के लिए ये लोग अभी से कारण तैयार कर रहे हैं. ये देखने वाली बात है कि अपोजिशन के कितने नेता जेल में हैं? क्या यही अपोजिशन लीडर उनकी सरकार चलाते थे. डर तो पाप का होता है, ईमानदार को कहां डर होता है. उन्होंने भी मेरे होम मिनिस्टर (गुजरात में) को जेल में डाल दिया था.

एलन मस्‍क के ‘इंडिया प्‍लान’ पर दी राय

पीएम मोदी ने एलन मस्‍क की टेस्‍ला और स्‍टारलिंक की संभावित एंट्री को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा, “मैं चाहता हूं कि भारत में निवेश आए, भारत में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसने पैसा लगाया, (लेकिन) काम में बहाया गया पसीना हमारे अपने लोगों का होना चाहिए. प्रॉडक्‍ट में हमारी मिट्टी की खुशबू होनी चाहिए, जिससे हमारे देश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.” 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया भर से आने वाले निवेश का स्वागत है, लेकिन प्रॉडक्‍ट में देश की मिट्टी का खूशबू होनी चाहिए. इसके नागरिकों को मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्रोसेस में शामिल किया जाना चाहिए. मोदी ने कहा कि भारत में जो भी निवेश करना चाहता है वह ऐसा कर सकता है, लेकिन इसका उत्पादन भारतीयों द्वारा किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें. 

रूस-यूक्रेन जंग पर क्या बोले पीएम?

रूस-यूक्रेन में दुश्मनी रोकने के लिए हस्तक्षेप से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, “दोनों राष्ट्रपति के साथ मेरे मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं. मैंने कहा कि भारत के इतने लोग, नौजवान फंसे हुए हैं. मुझे आपकी मदद चाहिए.”

मैं मां भारती की संतान

पहले कहा जाता था कि इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा. अब कहा जाता है कि मोदी इज भारत, भारत इज मोदी. क्या आप उस लेवल पर पहुंच गए हैं? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा, “मैं मां भारती की संतान हूं. उससे ज्यादा न लोग मेरे लिए बोलते हैं और न मेरे लिए सोचते हैं. मां की सेवा कर रहा हूं, इतना ही बहुत है.”

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