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PM मोदी के खिलाफ टिप्पणी पर AAP और प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

भाजपा ने शिकायत की थी कि प्रियंका ने हाल ही में मध्य प्रदेश में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री मोदी के बारे में ‘झूठे’ और ‘असत्यापित’ बयान दिए थे. भाजपा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए निर्वाचन आयोग ने प्रियंका से गुरुवार रात आठ बजे तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने को कहा है. आयोग को दी गई शिकायत में भाजपा ने प्रियंका पर यह ‘निराधार और झूठा’ दावा करने का आरोप लगाया था कि नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) का निजीकरण कर दिया है.

वहीं, सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी की तरफ से पोस्ट की गई  वीडियो के आधार पर भाजपा ने शिकायत दर्ज कराई थी. भाजपा की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 16 नवंबर शाम 7 बजे तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.

दिल्ली और पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया गया है. 

भाजपा ने 10 नवंबर को निर्वाचन आयोग से संपर्क करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया मंच पर ‘बेहद अस्वीकार्य’ और ‘अनैतिक’ वीडियो क्लिप और टिप्पणियां पोस्ट करने के लिए आप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी और पार्टी नेता ओम पाठक सहित भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से संपर्क किया.

निर्वाचन आयोग के समक्ष मुद्दा उठाने के बाद पुरी ने संवाददाताओं से कहा, “अपने आधिकारिक हैंडल से आप ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो और दो अन्य सामग्री पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार के मुखिया के बारे में बहुत अस्वीकार्य, निंदनीय, शरारतपूर्ण और अनैतिक बातें कही हैं.”

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर किये गए इन पोस्ट में कहा जा रहा है कि लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित एक नेता, जो प्रधानमंत्री भी है, किसी व्यक्ति का वेतनभोगी कर्मचारी है. उन्होंने कहा कि आप का यह कृत्य राजनीति में नया निम्न स्तर है.

आप को जारी नोटिस में निर्वाचन आयोग ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को एक अन्य राष्ट्रीय पार्टी के स्टार प्रचारक और उस राजनीतिक पार्टी के खिलाफ कथित तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए बयानों/आरोपों/कथनों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है. आयोग ने केजरीवाल से पूछा है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.

आयोग ने कहा, “निर्धारित समय के भीतर आपकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने की स्थिति में, यह माना जाएगा कि आपको इस मामले में कुछ नहीं कहना है और निर्वाचन आयोग इस मामले में उचित कार्रवाई या फैसला करेगा.”

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