EXCLUSIVE: "RBI का AI पर भी ज़ोर है…", The Hindkeshariसे बोले RBI चीफ़ शक्तिकांत दास

नई दिल्ली:
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आने वाले दिनों में बैंकिंग सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया है. The Hindkeshariके एडिटर इन चीफ संजय पुगलिया के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में शक्तिकांत दास ने कहा, “सुपरविजन को और मजबूत करने के लिए AI और ऐसे मॉर्डन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. कई एनालिटिकल टूल्स के जरिए बैंकिंग सेक्टर में समस्याओं का एनालिसिस भी किया जा रहा है. ये एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है. हमें इसे रि-एवैलुएट (Re-Evaluated) यानी पुनर्मूल्यांकन करने की जरूरत है.”
RBI गवर्नर ने कहा, “जैसे-जैसे फाइनेंशियल सेक्टर तेजी से डिजिटल होता जा रहा है, एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाने से बैंकों का काम आसान भी हो सकता है. हालांकि, यह सुनिश्चित करना होगा कि ये टेक्नोलॉजी सेफ और सिक्योर हों.” शक्तिकांत दास ने कहा, “स्ट्रक्चरल वर्किंह में AI और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी एडवांस और उभरती हुई टक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करने से फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन के ऑपरेशन का तरीका बदल सकता है.”
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शक्तिकांत दास कहते हैं, “RBI का फोकस मुख्य रूप से देश की वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता सुनिश्चित करना है. हम एक नॉन फ्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन हैं. इसलिए हम हर साल सरकार को कोई फ्रॉफिट या लॉस नहीं देते, बल्कि सरप्लस ट्रांसफर करते हैं.”
डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स के लिए रिपोजिटरी
RBI गवर्नर ने कहा, “साइबर अटैक एक बड़ा खतरा है, जो टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट के साथ-साथ बढ़ता जा रहा है. बैंकिंग सिस्टम में हमने ग्राहकों में साइबर अटैक के बारे में जागरूकता फैलाने पर काम किया है. हम डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स को लेकर भी एक पब्लिक रिपोजिटरी बना रहे हैं.” शक्तिकांत दास कहते हैं, “हम साइबर सिक्योरिटी को लेकर नियमित रूप से बैंकों और NBFCs के संपर्क में हैं. साइबर सिक्योरिटी की क्वालिटी में सुधार के लिए हम लगातार उनके साथ काम कर रहे हैं.”
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पहले से सुधरा है बैंकिंग सिस्टम का गवर्नेंस स्टैंडर्ड
शक्तिकांत दास ने कहा, “बैंकिंग सेक्टर में RBI ने पिछले 5-6 साल में रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लिएन्स कल्चर (Compliance Culture) जैसे गवर्नेंस रिलेटेड पहलुओं में सुधार करने की कोशिश की है. देश के बैंकिंग सिस्टम में ओवरऑल गवर्नेंस स्टैंडर्ड पिछले कुछ सालों में काफी सुधरा है.”
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