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कबाड़खाने से आंगन तक: प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता आह्वान ने सरकारी कार्यालयों का बदला रंग रूप

कबाड़खाने से आंगन तक: प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता आह्वान ने सरकारी कार्यालयों का बदला रंग रूप

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता के आह्वान ने यहां सरकारी कार्यालयों के रंग रूप को बदल दिया है. कबाड़, बेकार फर्नीचर और निर्माण सामग्री से भरे क्षेत्र अवांछित वस्तुओं को हटाए जाने के बाद अब आंगन और कर्मचारी विश्राम स्थलों में विकसित किए गए हैं. उदाहरण के लिए, डाक भवन एनेक्सी भवन में ‘संचारिका कैंटीन’ के ऊपर लगभग 1,600 वर्ग फुट जगह अवांछित वस्तुओं से भरी पड़ी थी, लेकिन डाक विभाग ने इस जगह का रंग रूप बदलने का फैसला किया.

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डाक सेवा बोर्ड के सचिव अमन शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह सभी फेंकी गई वस्तुओं को हटाने के बाद, एक ‘विश्रांतिका’ (स्टाफ लाउंज) बनाया गया.” शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि ‘विश्रांतिका’ में अखबारों/पत्रिकाओं को पढ़ने के लिए जगह के अलावा टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम आदि जैसे खेलों की सुविधाएं हैं. डाक भवन में पुराने और अवांछित वस्तुओं से भरे हुए एक और स्थल को बदला गया और इसे ‘आंगन’ के रूप में परिवर्तित किया गया. डाक विभाग के उपमहानिदेशक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी, ‘‘इस आंगन में बहुत सारे पौधे हैं और इसकी दीवारें संस्कृत के श्लोकों से सजी हैं. इस आंगन ने डाक भवन को बेहतर कार्यस्थल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.”

इसी प्रकार, रेल मंत्रालय के आवास रेल भवन ने अपने परिसर में निरंतर स्वच्छता गतिविधियां चलाकर परिसर के एक हिस्से में अत्याधुनिक कार्यालय और गलियारे बनाये हैं. इसके अभिलेख कक्ष का दौरा करने से पता चलता है कि कैसे कार्यालय की हजारों फाइल को बेहतर तरीक से व्यवस्थित किया गया है और इन फाइल पर कोई धूल नहीं थी. रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (लोक शिकायत) रत्नेश कुमार झा ने कहा कि विशेष अभियान के दौरान रिकॉर्ड संख्या में 23,672 स्वच्छता अभियान चलाए गए, 11.83 लाख वर्ग फुट जगह खाली कराई गई और कबाड़ का निस्तारण करके 224.95 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया.

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रेलवे बोर्ड के सचिव मिलिंद के देउस्कर ने मीडिया को बताया कि रेल मंत्रालय स्वच्छता अभियान पर बहुत सहजता और कुशलता से काम कर रहा है. देउस्कर ने कहा, ‘‘कार्यालय स्थलों का सौंदर्यीकरण किया गया है. अभियान के दौरान स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय बनाये गये हैं. इसके अलावा मंत्रालय ने शिकायत निवारण पर विशेष जोर दिया है. सभी शिकायतों का समाधान कर दिया गया है.” संचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग (डीओटी) के कार्यालय, संचार भवन में अभिनव पहल की गई है.

डीओटी के उपमहानिदेशक एस. बालचंद्र अय्यर ने कहा, ‘‘हमने संचार भवन के भूमिगत तल में कार्यालय के कर्मचारियों के लिए एक जिम और एक मनोरंजन कक्ष बनाया है. यह विशाल स्थान पहले जीर्ण-शीर्ण फर्नीचर और अन्य पुरानी वस्तुओं से भरा रहता था. हमने इस स्थान को बदल दिया जिसका इस्तेमाल अब हमारे कर्मचारियों के लिए किया जा रहा है.” केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया.

(जीएसटी, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर), सीबीआईसी के सदस्य शशांक प्रिय ने कहा कि अभियान का ध्यान स्वच्छता को संस्थागत बनाने पर था. उन्होंने कहा कि कई स्थानों से अवांछित वस्तुओं को हटाया गया.

सीबीडीटी के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा 966 स्वच्छता अभियान चलाए गए. गृह मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय ने भी अपने कार्यालय परिसर को बदलने के लिए रचनात्मक कदम उठाए हैं. कार्मिक मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस. डी. शर्मा ने कहा, ‘‘कार्मिक मंत्रालय ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. अभिलेख कक्षों से अवांछित फाइल हटा दी गईं है. अब बहुत जगह है और कर्मचारी कम से कम समय में आसानी से फाइल प्राप्त कर सकते हैं.” स्वच्छता अभियान के लिए नोडल विभाग प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने कहा कि स्वच्छता गतिविधियां जारी रहेंगी और मंत्रालय/कर्मचारी प्रति सप्ताह तीन घंटे इन गतिविधियों के लिए समर्पित करेंगे.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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