दुनिया

"पत्नी इंडिया को अलविदा": देश के लिए इजरायली पत्रकार ने उठाए हथियार

हनान्या नफ्ताली ने एक्स पर अपनी पत्नी को गले लगाते हुए एक तस्वीर साझा की और कहा कि उनकी अनुपस्थिति में वह उनके सोशल मीडिया अकाउंट का प्रबंधन देखेंगी. उन्होंने फोटो के कैप्शन में लिखा, “मुझे अपने देश इजराइल की सेवा और रक्षा करने के लिए नियुक्त किया गया है. मैंने अपनी पत्नी इंडिया को अलविदा कहा, जिसने मुझे ईश्‍वर के आशीर्वाद और सुरक्षा के साथ भेजा. अब से वह मेरी ओर से प्रबंधन और पोस्‍ट करेगी. उसके साथ अच्छा व्यवहार करें.”

हनान्या नफ्ताली की पत्नी इंडिया नफ्ताली भी एक इजरायली पत्रकार हैं. उन्‍होंने पोस्ट को दोबारा साझा किया और लोगों से अपने पति के युद्ध में लड़ने जाने के बाद उनके लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया है. 

युद्ध में तैनात होने के बाद हन्या नफ्ताली ने एक और वीडियो शेयर किया है. वीडियो में वह कहते हैं कि उन्हें जिस कारण से तैनात किया गया है, वह सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए नहीं बल्कि घरों और परिवारों की रक्षा के लिए है. 

यह कपल इजरायल-हमास युद्ध को बड़े पैमाने पर कवर कर रहा है. बम शेल्टर में शरण लेने का उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में हनान्या नफ्ताली ने साझा किया कि वे रॉकेट सायरन सुनकर जाग गए और उन्हें तेल अवीव में बम शेल्‍टर की ओर भागना पड़ा. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने दिन भर में कई बार विस्फोटों की आवाज सुनी.

यह भी पढ़ें :-  "वो अभी भी जिंदा है...", हमास के हमले के बाद बोलीं जर्मनी की रहने वाली टैटू आर्टिस्ट की मां

वीडियो में हनान्या नफ्ताली ने कहा, “हम एक सर्वकालिक, अभूतपूर्व युद्ध देख रहे हैं.”

इंडिया नेफ्ताली द्वारा साझा किए गए एक अन्य वीडियो में उन्‍हें बम शेल्‍टर की ओर भागते देखा जा सकता है. साथ ही पृष्ठभूमि में विस्फोटों की आवाज सुनी जा सकती है. 

सैन्य प्रवक्ता ने कहा, देश द्वारा हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा के बाद इजरायल ने शनिवार से रिकॉर्ड 3 लाख रिजर्व सैनिकों को बुलाया है. यह तब हुआ है जब इजरायल आतंकवादी समूह के खिलाफ एक बड़े जवाबी हमले के लिए तैयार है. 

इजरायल रक्षा बलों ने एक्स पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें एक पिता अपने बेटे को अलविदा कह रहा है और युद्ध के लिए जाने से पहले उसे वापस आने का वादा कर रहा है. 

इजरायल में, 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को जो यहूदी, ड्रुज या सर्कसियन है, सेना में सेवा करना आवश्यक है. हालांकि, कुछ अपवाद भी हैं. इजरायली अरबों, धार्मिक महिलाओं, विवाहित व्यक्तियों और मानसिक या चिकित्सकीय रूप से अयोग्य समझे जाने वालों को अनिवार्य सेवा से छूट दी गई है. छूट के अलावा, सूचीबद्ध पुरुषों और महिलाओं से क्रमशः न्यूनतम 32 और 24 महीने तक सेवा करने की उम्मीद की जाती है. 

यह भी पढ़ें :-  अमेरिका की तकनीक पर चीन ने बनाया सुपर-कैरियर; भारतीय नौसेना के लिए कितना बड़ा सिरदर्द?

ये भी पढ़ें :

* गाजा पर नहीं रुके हमले तो हर बंधक को देखनी पड़ेगी मौत : एयर स्ट्राइक्स पर इजरायल को हमास की धमकी

* Explainer: हमास ने कैसे अपनी स्पेशल यूनिट्स के साथ इजरायल पर किया हमला

* “सुनिश्चित करेंगे, यह दोबारा कभी न हो…”, हमास हमले पर The Hindkeshariसे बोले इज़रायल के पूर्व PM यायर लैपिड

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button