दुनिया

सुना है भारत टैरिफ में भारी कमी करेगा: डोनाल्‍ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा


वाशिंगटन:

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने मंगलवार को एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सुना है कि भारत अमेरिकी आयात पर टैरिफ में भारी कमी करने जा रहा है. ट्रंप का यह बयान टैरिफ बम गिराने से करीब चौबीस घंटे पहले आया है. व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राष्‍ट्रपति ट्रंप से टैरिफ के बारे में पूछा गया था. 

अपने जवाब में, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि उनमें से बहुत से अपने टैरिफ में कमी करेंगे क्योंकि ऐसा अनुचित तरीके से किया जा रहा था. वे वर्षों से ऐसा करते आ रहे हैं. यदि आप यूरोपीय संघ को देखें तो उन्होंने पहले ही कारों पर अपने टैरिफ को घटाकर ढाई प्रतिशत कर दिया है. इसकी घोषणा कुछ दिन पहले की गई थी और मुझे लगता है कि मैंने कुछ समय पहले ही सुना है कि भारत अपने टैरिफ में भारी कमी करने जा रहा है.”

भारत की ओर से नहीं आई टिप्‍पणी

हालांकि ट्रंप ने कोई नाम या विवरण नहीं दिया, जो उनके इस दावे का समर्थन करता हो कि भारत दशकों से लागू टैरिफ में उल्लेखनीय कमी करेगा. भारत की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात से भी इनकार किया कि पारस्परिक टैरिफ उनके सहयोगियों और भागीदारों को चीन की ओर अधिक धकेल सकता है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने स्‍पष्‍ट रूप से कहा “नहीं, ऐसा नहीं होगा”. 

ट्रंप प्रशासन द्वारा पारस्परिक टैरिफ लगाने की बार-बार दी जा रही धमकियों के बावजूद भारत और अमेरिका परस्पर लाभकारी व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें :-  Video : हमले के 24 घंटे बाद ही मुट्ठी तानकर फिर चुनावी मैदान में उतरे डोनाल्ड ट्रंप

कई देश टैरिफ हटा देंगे : ट्रंप 

ट्रंप ने दावा किया कि “कई देश अपने टैरिफ हटा देंगे” क्योंकि उन्हें डर है कि अमेरिका उनके साथ भी वैसा ही करेगा जैसा वे हमारे साथ करते हैं. 

कई अवसरों पर डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को “टैरिफ किंग” करार दिया है और यह भी कहा है कि भारत “टैरिफ का सबसे बड़ा दुरुपयोग करने वालों” में से एक है. 

इससे पहले, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भारत के टैरिफ ढांचे में “अनुचित”  ट्रेड प्रेक्टिस के बारे में बात की, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे भारत अमेरिका से कृषि आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाता है. उन्होंने यूरोपीय संघ (अमेरिकी डेयरी उत्पादों पर 50 प्रतिशत), जापान (चावल पर 700 प्रतिशत) और कनाडा (मक्खन और पनीर पर 300 प्रतिशत) का भी उल्‍लेख किया. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी निर्यात में बाधा आती है और नुकसान होता है. 
 


Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button