जनसंपर्क छत्तीसगढ़

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं को मिली सुरक्षा और शिक्षा का संदेश….

रायपुर: छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिकाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मनेंद्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर जिले में ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता विषय पर पहला सत्र आयोजित किया गया। मनेन्द्रगढ़ स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जागरूकता सत्र का उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति बालिकाओं को सतर्क करना था।

सत्र में ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी, बैंकिंग फ्रॉड, सॉफ्टवेयर चोरी, मैलवेयर, रैनसमवेयर, डी-डॉस अटैक और साइबर जासूसी जैसे खतरों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।बालिकाओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, पासवर्ड सुरक्षा, संदिग्ध लिंक से बचाव और ऑनलाइन गोपनीयता बनाए रखने के उपाय बताए गए। साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बालिका समृद्धि योजना, पूरक पोषण आहार, किशोरी बालिकाओं के लिए संचालित योजनाएं तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई।

सत्र में बालिकाओं को उनके संवैधानिक अधिकार, डिजिटल साक्षरता और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी गई। इसके अलावा नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम योजना, सखी निवास, शक्ति सदन, नारी अदालत, महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना और नवा बिहान जैसी प्रमुख योजनाओं के उद्देश्य, लाभ और प्रक्रिया से परिचित कराया गया। इसी क्रम में फूंदुरदिहारी स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

साईबर अपराधों के लिए किया जागरूक

नवप्रवेशी बालिकाओं को आत्मीय वातावरण में स्वागत कर शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। बालिकाओं को यूनिफॉर्म, कॉपियां, किताबें, पेन और पेंसिल जैसी शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।कार्यक्रम के दौरान नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम योजना, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड लाइन 1098, बाल विवाह निषेध आदि विषयों पर जानकारी दी गई। इसके साथ ही मोबाइल और इंटरनेट के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों एवं सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई।

यह भी पढ़ें :-  Durg Rape Murder Case: दुष्कर्म मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, पीड़िता की मां ने मुआवजा लेने से किया इंकार, की सीबीआई जांच की मांग…

साईबर अपराधों के लिए किया जागरूक

आयोजनों को महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा अन्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त और शिक्षित बनाना रहा। इन कार्यक्रमों से यह स्पष्ट होता है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार बालिकाओं के भविष्य को उज्जवल और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है।

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button