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पटना की सड़कों पर बीपीएससी अभ्यार्थियों और पुलिस में मचा 'संग्राम', पढ़ें क्या है पीछे की पूरी कहानी


पटना:

बिहार में इन दिनों बिहार पब्लिक सर्विस कमिश्न यानी बीपीएससी को लेकर छात्रों में लगातार गुस्सा दिख रहा है. बीपीएससी अभ्यार्थी पटना के गर्दनीबाग इलाके में लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में धांधली की गई है, ऐसे में उस परीक्षा को निरस्त किया जाना चाहिए. छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच आयोन ने भी अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा है कि परीक्षा को पेपर लीक नहीं हुआ है. छात्रों का विरोध प्रदर्शन 25 दिसंबर को भी जारी रहा, जिसे रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा. 

25 दिसंबर को पुलिस ने फिर किया लाठी चार्ज

अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों पर 25 दिसंबर की शाम को बिहार पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. पुलिस ने उस वक्त लाठीचार्ज किया था जब छात्र बीपीएससी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि पुलिस पहले छात्रों को बीपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने से रोकने की कोशिश कर रही थी लेकिन जब प्रदर्शनकारी छात्र नहीं मानें तो पुलिस को उनके ऊपर लाठीचार्ज करना पड़ा. 

नॉर्मलाइजेशन की आशंका को लेकर धरना प्रदर्शन

आपको बता दें कि बिहार की राजधान में बीते कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजहों में से एक है आयोग द्वारा तय किए नॉर्मलाइजेशन का विरोध करना. छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आयोग को सफाई तक देनी पड़ी थी.नॉर्मलाइजेशन को लेकर आयोग की सफाई के बाद ही छात्रों का विरोध प्रदर्शन कुछ देर के लिए शांत तो हुआ लेकिन वो पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाया. 

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छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राजनीति भी हुई शुरू 

पटना में 6 दिसंबर को बीपीएससी की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन को लागू करने को लेकर अभ्यर्थियों ने पटना में आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. छात्रों को अब राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिलता दिख रहा है. जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा कि लोकतंत्र में किसी तरह का लाठीचार्ज किया जाना दुखद है. अगर कोई लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने आता है तो सरकार लाठीचार्ज को आसान जरिया मानती है. जो अधिकारी इसके लिए दोषी है उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. आपको बता दें कि कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर बीपीएससी अभ्यार्थियों की मांगों का समर्थन किया था. वहीं, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भी छात्रों के समर्थन में आगे आए थे.

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तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश को लिखा पत्र

इस पूरे विवाद के बीच कुछ दिन पहले ही बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए सीएम को पत्र लिखा था. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की थी कि परीक्षा एक दिन, एक शिफ्ट, एक पेपर, एक पैटर्न में लिया जाए जिसमें पेपर लीक नहीं हो. पत्र में उन्होंने कहा था कि आयोग के सर्वर की खामी के कारण फॉर्म भरने की आखिरी तारीख से दो-तीन दिन पहले सर्वर के ठीक से कार्य नहीं करने के कारण लाखों अभ्यर्थी फॉर्म भरने से वंचित रह गए थे, जो उनके भविष्य और सतत परिश्रम के लिए एक आघात है. उन्होंने पत्र में लिखा, “स्वयं अपनी ही विफलता के लिए आयोग द्वारा फॉर्म भरने में असमर्थ रहे अभ्यर्थियों को ही उल्टे अगंभीर ठहरा देना अफसरशाही के अहंकार और तानाशाही को प्रदर्शित करता है.”

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राहुल गांधी ने भी छात्रों के समर्थन में किया ट्वीट

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पटना में बीपीएससी के खिलाफ प्रदर्शन कर रह छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी भी आ गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसे लेकर एक पोस्ट किया. उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि मैंने संसद में कहा था कि जिस तरह एकलव्य का अंगूठा कटवाया गया था उसी तरह पेपर लीक करवाकर युवाओं का अंगूठा काटा जाता है. इसका ताज़ा उदाहरण बिहार है. BPSC अभ्यार्थी पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं और एग्जाम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं लेकिन NDA की सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए उल्टा छात्रों पर ही लाठी चार्ज करवा रही है. यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम उनके साथ हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे. 


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